उज्जैन

Ujjain news: 333 किमी.का सफर करके ‘महाकाल मंदिर’ पहुंची फैमली, दर्शन से पहले मिला बड़ा धोखा

Online fraud with woman: दर्शन करने महाकाल मंदिर आई को राहुल तिवारी नाम के लड़के ने पागल बनाया, जिसके बाद उन्हें पता चला कि उनके साथ धोखा हुआ है।
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Jul 22, 2026
Mahakaleshwar Temple: उदयपुर थाने में प्रकरण दर्ज (Photo Source - Patrika)
Mahakaleshwar Temple: उदयपुर थाने में प्रकरण दर्ज (Photo Source - Patrika)

Mahakaleshwar Temple:एमपी के उज्जैन शहर में महाकालेश्वर मंदिर में उदयपुर से 333 किलोमीटर का सफऱ करके उज्जैन पहुंची फैमली को बड़े धोखे का सामना करना पड़ा। जानकारी के मुताबिक राहुल तिवारी नाम के शख्स ने उन्हें होटल में कमरा बुक करने के नाम पर बड़ा धोखा दिया और खाते से 2 लाख 14 हजार 285 रुपए निकाल लिए। मामले में कोर्ट के आदेश पर उदयपुर साइबर थाने में प्रकरण दर्ज किया गया है।

बार-बार ट्रांसफर कराए रुपए

उदयपुर निवासी पीड़ित सोमेश नागदा ने बताया कि वह 10 अक्टूबर को बुकिंग कर उज्जैन आने वाले थे। होटल के लिए गूगल पर सर्च करने पर उन्हें मंदिर ट्रस्ट के नाम से एक वेबसाइट दिखाई दी। वेबसाइट पर दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर सामने वाले व्यक्ति ने खुद को राहुल तिवारी बताया और व्हाट्सएप पर क्यूआर कोड भेजकर पहले 1,450 रुपए जमा कराने को कहा।

16 ट्रांजेक्शन कर भेजे 2.14 लाख रुपए

राशि भेजने के बाद आरोपी ने भुगतान नहीं मिलने, तकनीकी खराबी, नेटवर्क समस्या का बहाना बनाकर बार-बार पैसे ट्रांसफर कराए। 8 और 9 अक्टूबर के बीच पीड़ित ने 16 ट्रांजेक्शन में 2.14 लाख रुपए भेज दिए। उज्जैन पहुंचने पर होटल स्टाफ ने बताया, उनके नाम से कोई बुकिंग नहीं है और राहुल तिवारी नाम का कर्मचारी भी नहीं है। इसके बाद पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ।

कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ केस

पीड़ित ने 31 अक्टूबर 2025 को उदयपुर एसपी कार्यालय में शिकायत भेजी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट क्रम संख्या-1 उदयपुर की अदालत में परिवाद पेश किया। कोर्ट के आदेश पर साइबर थाने में केस दर्ज हुआ।

यूपीआइ आइडी से जुड़े नाम आए सामने

एफआइआर में दर्ज यूपीआइ आइडी की जांच में गिरीश और बबीता देवी जैसे नाम सामने आए हैं, जिनके खातों में रकम पहुंची। पुलिस इन बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की डिटेल खंगाल कर मुख्य आरोपी तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। पूरी घटना अक्टूबर 2025 की है. लेकिन थाने में शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने से मामला अब दर्ज हो सका। इस देरी में पीड़ित की रकम आरोपियों तक पहुंचकर आगे स्थानांतरित हो चुकी होने की आशंका जताई जा रही है।

Updated on:
22 Jul 2026 02:12 pm
Published on:
22 Jul 2026 02:11 pm