
Digvijaya Singh : मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा' मंगलवार को प्रारंभ हो गई। मंगलवार को वे अपनी पत्नी सहित अयोध्या के लिए निकल पड़े। इससे पहले सिंह दंपत्ति ने विधिपूर्वक पूजा अर्चना की। हिंदूवादी नेता व श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व पदाधिकारी महिपाल सिंह ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा' पर बड़ा कमेंट किया है। उन्होंने कहा कि इस उम्र में 930 किमी पैदल चलना छोटी बात नहीं है। आस्था के कारण लोग इससे जुड़ रहे हैं। बता दें कि 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा' के दौरान 79 साल के दिग्विजय सिंह रोज करीब 15 किमी पैदल चलेंगे।
दिग्विजय सिंह ने उज्जैन में सुबह पूजा अर्चना के साथ शिवलिंग बनाए। हर हर महादेव और जय श्री महाकाल के उदघोष के साथ उन्होंने सपत्नीक पूजन किया। उन्होंने कहा कि 125 से अधिक सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं पूजन कराने वाले गृहस्थ संत पूज्य गुरुदेव पंडित देव प्रभाकर शास्त्री जी "दद्दा" की प्रेरणा से आज "सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा" के शुभारंभ पर असंख्य पार्थिव शिवलिंग निर्माण अनुष्ठान में सपत्नीक शिवलिंग बनाने एवं पूजन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
पूजन अर्चन के बाद दिग्विजय सिंह यात्रा के लिए रवाना हो गए। शाम को सोशल मीडिया पर लिखा:
अयोध्या में प्रभु श्रीराम के मंदिर के लिए एकत्रित चंदे और चढ़ावे में चोरी के खिलाफ जनजागरण एवं सत्य, धर्म और स्वाभिमान की रक्षा के संकल्प के साथ आज हम ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ पर भगवान श्री महाकालेश्वर की पावन नगरी उज्जैन (शिवधाम) से प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या (रामधाम) की ओर पैदल निकल पड़े हैं।
यतो धर्मस्ततो जयः।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व अकाउंट्स इंचार्ज और सह-कार्यालय प्रमुख महिपाल सिंह ने उज्जैन में दिग्विजय सिंह की यात्रा का समर्थन किया। उन्होंने कहा, "मैं बस इतना कह सकता हूं कि किसी भी हालत में इस यात्रा को दिखावा नहीं कहा जा सकता। इतनी अधिक उम्र के व्यक्ति का इतने सारे लोगों को इकट्ठा करना, उनके लिए व्यवस्था करना और 930 किलोमीटर की यात्रा करना-यह कोई छोटी बात नहीं है। उनके इतिहास को देखें तो वे पहले भी लगभग 3500 किलोमीटर की यात्रा कर चुके हैं। तो फिर इस यात्रा को दिखावा कैसे कहा जा सकता है? लोग आस्था के साथ आ रहे हैं और इससे जुड़ रहे हैं और हम भी उसी भावना के साथ यहां आए हैं।