नए कॉलेजों में कर्मचारियों की स्थिति स्पष्ट नहीं, जनभागीदारी कर्मचारियों की जानकारी अधूरी गई
उज्जैन. विधानसभा चुनाव के मद्देनजर उच्च शिक्षा विभाग में मुख्यमंत्री की लंबित घोषणा को पूरा करने के लिए ताबड़तोड़ नए कॉलेज खोल दिए। उज्जैन जिले को भी तीन नए कॉलेज मिले हैं। इन कॉलेज में एडमिशन प्रक्रिया भी शुरू हो गई, लेकिन स्वीकृत हुए पद पर कर्मचारियों की पदस्थी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। गैर शैक्षणिक कर्मचारियों के संबंध में विभाग ने आउटसोर्स पर कर्मचारियों की पदस्थी के निर्देश दिए हैं। यह प्रक्रिया अभी लंबित है।
दूसरी तरफ पुराने संचालित कॉलेजों में काफी संख्या में गैर शैक्षणिक कर्मचारी जनभागीदारी मद से कार्यरत है। इन लोगों के संबंध में उच्च शिक्षा विभाग जानकारी मांगी थी, लेकिन यह जानकारी निर्धारित फॉर्मेट में नहीं गई। इसके बाद वीडियो कॉन्फ्रेस में आयुक्त ने दोबारा जानकारी भेजने के निर्देश दिए। बता दें कि जनभागीदारी के तहत पदस्थ कर्मचारी भी स्थाईकर्मी के तहत वेतन दिए जाने की मांग कर रहे हैं। विभाग में यह प्रक्रिया विचाराधीन है।
व्यवस्था संभालने के लिए कर्मचारी नहीं
विभाग की तरफ से नए कॉलेजों की व्यवस्था संभालने के लिए एक शिक्षक व कर्मचारी अन्य कॉलेजों से भेजा गया है। यह दो-दो माह के लिए पदस्थ किए जा रहे हैं। दो लोग नए कॉलेज का काम देख रहे हैं। साथ ही लीड कॉलेज प्राचार्य पर भी जिम्मेदारी बढ़ गई है। हालांकि कर्मचारियों के अभाव में विद्यार्थियों के प्रवेश, छात्रवृत्ति, कक्षा का संचालन आदि गतिविधि संचालित करने में समस्या आ रही है।
शेष रही सीटों को लेकर काउंसिलिंग १० व १४ को
उज्जैन ञ्च पत्रिका. पॉलीटेक्निक महाविद्यालय उज्जैन में केन्द्रीयकृत काउंसिलिंग के बाद शेष रही सीटों के लिए एमपी ऑनलाइन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन सीएलसी कराकर सीटीएमए इलेक्ट्रॉनिक्स, प्लास्टिक टेक्नालॉजी, सीएसए आइटी ब्रांचों के लिए संस्था स्तर की काउंसिलिंग 10 व 14 अगस्त को होगी। काउंसिलिंग सुबह 10.30 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक आयोजित की जाएगी। प्रवेश नियम, काउंसिलिंग प्रक्रिया रिक्त सीटों के सम्बन्ध में आवश्यक जानकारी के लिए वेब साइट का अवलोकन करके ही संस्था में उपस्थित होने के निर्देश उज्जैन पॉलीटेक्निक महाविद्यालय के प्राचार्य ने दिए हैं।