Samrat Vikramaditya University : सम्राट विक्रमादित्य विवि में फर्जीवाड़ा... दोस्त की बहन के लिए 'सॉल्वर' बनी बीटेक की छात्रा, बीकॉम की परीक्षा देते पकड़ाई। इंदौर से पेपर देने उज्जैन आई थी फर्जी छात्रा। बोली- मुझसे कहा था बस कॉपी भर देना, बाकी हम संभाल लेंगे।
Samrat Vikramaditya University :मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में सोमवार को परीक्षा व्यवस्था की धज्जियां उड़ाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बीकॉम छठे सेमेस्टर की परीक्षा के दौरान एक छात्रा की जगह दूसरी युवती (सॉल्वर) परीक्षा देते हुए पकड़ी गई है। पकड़ी गई युवती इंदौर की रहने वाली है और खुद बीटेक की पढ़ाई कर रही है। इस खुलासे के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
घटना विश्वविद्यालय के 'स्कूल ऑफ स्टडीज इन कॉमर्स' (वाग्देवी भवन) की है। एनएसयूआई के विश्वविद्यालय अध्यक्ष तरुण परिहार को गुप्त रूप से सूचना मिली थी कि, परीक्षा केंद्र पर किसी छात्रा के स्थान पर कोई फर्जी परीक्षार्थी बैठने वाला है। सूचना के आधार पर परीक्षा केंद्र के अधिकारियों को सतर्क किया गया। जब कक्ष क्रमांक 10 की सीट A-1 पर बैठी छात्रा के दस्तावेजों और एडमिट कार्ड के फोटो का मिलान किया गया तो जांच टीम को चेहरा संदिग्ध लगा।
सघन पूछताछ में पकड़ी गई युवती ने अपना नाम विशाखा माहेश्वरी पिता जयप्रकाश माहेश्वरी निवासी इंदौर बताया। उसने कबूल किया कि वह असल में अपने दोस्त की बहन सपना भदौरिया नाम की छात्रा की जगह परीक्षा देने आई थी। विशाखा ने बताया कि वह स्वयं बीटेक की छात्रा है और उसे इंदौर से खास तौर पर इस काम के लिए बुलाया गया था।
पूछताछ के दौरान विशाखा ने चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि ऋषभ नाम के एक युवक ने उसे अपनी बहन सपना की जगह परीक्षा देने के लिए राजी किया था। उस पर दबाव बनाया गया कि फिलहाल परीक्षा दे दो, डील बाद में समझ लेंगे। ऋषभ ने भरोसा दिया था कि वह पहले भी तीन बार ऐसा कर चुका है और उसे कोई नहीं पकड़ेगा। विशाखा को निर्देश दिए गए थे कि वह कॉपी में कुछ भी लिख दे, बस हॉल में मौजूद रहे, बाकी 'मैनेजमेंट' समझ लिया जाएगा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय के कुलगुरु अर्पण भारद्वाज ने इसे एक गंभीर आपराधिक कृत्य माना है। उन्होंने कहा कि हमारे छात्र नेताओं और परीक्षा निरीक्षकों की सतर्कता से उक्त युवती परीक्षा देने में असफल रही। बाकी जांच का विषय है, इसके लिए पूरी टीम तैनात की जाएगी। उन्होंने बताया कि जब असली छात्रा सपना भदौरिया से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो मोबाइल फोन बंद मिला।
मामले को लेकर टीआई गजेन्द्र पचोरिया ने बताया कि, आरोपी छात्रा विशाखा को परीक्षा नियंत्रक कक्ष में बैठाकर पूछताछ की गई और मामला माधव नगर थाना पुलिस को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आरोपी विशाखा पिता जयप्रकाश माहेश्वरी निवासी इंदौर के खिलाफ बीएनएस की धारा 319 (2) के तहत केस दर्ज किया है। आरोपी युवती से पूछताछ की जा रही है, कि वो यहां किसके कहने पर परीक्षा देने पहुंची थी।