Fourth Phase Lok Sabha Voting 2024: 2019 के लोकसभा चुनाव से 1.73 फीसदी वोट कम पड़े लेकिन 73 वर्ष में दूसरी बार मतदान प्रतिशत 70 के पार रहा.
लोकसभा चुनाव के 73 वर्षों में उज्जैन ने दूसरी बार मतदान में 70 प्रतिशत की सीमा लांघी है, इसके बावजूद नया कीर्तिमान बनाने में हम चूक गए। सीएम के गृह क्षेत्र में प्रशासन और राजनीतिक दलों के भरपूर प्रयास के बाद भी उज्जैन-आलोट सीट पर 73.69 प्रतिशत मतदान हो सका जो पिछले चुनाव से 1.73 फीसदी कम है। लोकसभा 2019 में 75.42 प्रतिशत मतदान हुआ था।
सोमवार को उज्जैन-आलोट संसदीय सीट पर मतदान हुआ। लगभग सभी केंद्रों पर सुबह 7 बजे से ही मतदाता पहुंचना शुरू हो गए थे। गर्मी, उम्र और शारीरीक समस्या की परवाह किए बिना मतदाताओं ने उत्साह पूर्वक भागीदारी की। कुल 11 घंटे चले मतदान के बाद शाम 6 बजे तक उज्जैन-आलोट सीट पर कुल 17 लाख 98 हजार 704 मतदाताओं में से 13 लाख 25 हजार 454 लोगों ने मतदान किया है।
हालांकि पिछले चुनाव की तुलना में यह संया कम है। वर्ष 2019 में 16 लाख 61 हजार 229 मतदाताओं में से 12 लाख 53 हजार 63 ने मतदान किया था। गर्मी से बचने के लिए वोटिंग के निर्धारित समय सुबह 7 बजे से ही कई वोटर्स केंद्रों पर पहुंच गए थे। इसके चलते कई केंद्रों पर सुबह 7 से दोपहर 12 बजे तक मतदाताओं की लंबी कतार नजर आई। सर्वाधिक मतदान सुबह 9 से 11 बजे के बीच हुआ।
हालांकि शहर के अधिकांश मतदान केंद्रों पर सुबह से शाम तक मतदाताओं का आना-जाना जारी रहा लेकिन दोपहर 1 से 4 के बीच तुलनात्मक भीड़ कम थी। इस दौरान कई केंद्रों पर मतदाताओं की कतार लगभग खत्म हो गई थी। शाम 5 से 6 बजे तक आखिरी के एक घंटे में सबसे कम महज 2.69 प्रतिशत मतदान हुआ है।
विधान सभा में 76 फीसदी मतदान हुआ था
करीब छह महीने पूर्व हुए विधानसभा चुनाव में उज्जैन जिले में महिलाओं ने 76 फीसदी मतदान किया था जबकि तब जिले का कुल मतदान 78.48 प्रतिशत था। लोकसभा चुनाव में जिले में 69.33 व संसदीय क्षेत्र में 69.61 प्रतिशत महिलाओं ने वोट किया है। विधानसभा की तुलना में यह करीब 6 फीसदी की गिरावट है।
लोकसभा चुनाव में महिला मतदाताओं ने तुलनात्मक कम रुझान दिखाया है। पुरुषों की तुलना में इस बार महिलाओं की वोटिंग 8 प्रतिशत से भी कम हुई है। यहां तक कि पांच महीने हुए विधानसभा की तुलना में भी महिलाओं के मतप्रतिशत में बड़ी गिरावट हुई है।
उज्जैन आलोट संसदीय सीट पर 77.70 फीसदी पुरुष मतदाताओं ने मतदान किया है। इसके विपरीत महिला मतदाताओं में से 69.61 प्रतिशत ने ही मतदान किया है। महिला-पुरुष मतदाताओं के बीच का यह अंतर चौंकाने वाला है, वहीं राजनीतिक दल भी इसे अपने-अपने नजरिए से देख रहे हैं। माना यह भी जा रहा है कि विधानसभा चुनाव में लाडली बहनों ने जिस उत्साह से मतदान में भागीदारी की थी, लोकसभा चुनाव में उस माहौल में कमी आई है।
कुछ केंद्रों पर शाम 6 बजे बाद भी मतदान हुआ। दरअसल कुछ केंद्रों पर शाम 6 बजे से पहले मतदाता आए लेकिन भीड़ के चलते उन्हें लाइन में लगना पड़ा। ऐसे केंद्रों पर शाम 6 बजे तक लाइन में लगे मतदाताओं को टोकन देकर सिर्फ उन्हीं मतदाताओं के लिए मतदान जारी रखा गया। 6 बजे बाद आने वालों को मतदान नहीं करने दिया गया।