
उज्जैन के महाकाल मंदिर में रोज श्रद्धालुओं की भीड़ लग रही है। 25 दिसंबर के बाद छुट्टियां शुरू होंगी, इस कारण थर्टी फर्स्ट और न्यू ईयर पर यहां लाखों श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। ऐसे में नए साल पर आने वाले श्रद्धालुओं को जल्द दर्शन की तैयारियां हो चुकी हैं। महाकाल मंदिर में नई टनल शुरू हो चुकी है, यहीं से श्रद्धालुओं को लाइन में लगाया जा रहा है।
मंदिर प्रशासन ने थर्टी फर्स्ट और न्यू ईयर पर यहां 10 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान लगाया है। इस स्थिति में भी श्रद्धालुओं को महज 40 मिनट में आसानी से दर्शन हो सकेंगे। नई टनल से प्रवेश और निर्गम की व्यवस्था रखेंगे। टनल में 10 से 15 लाइनों में श्रद्धालु आसानी से बाबा के दर्शन हो सकेंगे।
मंदिर प्रशासक संदीप सोनी का कहना है, महाकाल लोक बनने के बाद से श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा हुआ है। नागपंचमी, शिवरात्रि पर 10 लाख श्रद्धालु आए थे। सवा लाख श्रद्धालु प्रतिदिन तथा 1.80 हजार श्रद्धालु वीकेंड में आ जाते हैं। 25 दिसंबर के बाद न्यू ईयर पर 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। उनको 40 मिनट में आसानी से दर्शन हो सकें, इसके लिए तैयारियां की जा रही हैं। फिलहाल सावन के बाद से गर्भगृह में प्रवेश प्रतिबंधित किया है, जीएसआइ टीम के आने के बाद से गर्भगृह में प्रवेश बंद था।
भस्म आरती बुकिंग फुल, चलित भस्म आरती हो सकेगी
महाकाल मंदिर में प्रतिदिन तडक़े 4 बजे होने वाली भस्म आरती में शामिल होने के लिए ऑनलाइन बुकिंग 5 जनवरी तक के लिए फुल हो चुकी है। चलायमान भस्म आरती में श्रद्धालु शामिल हो सकेंगे। प्रशासक सोनी ने बताया कि समिति की वेबसाइट पर 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक ऑनलाइन परमिशन फुल हो चुकी है। लेकिन जिन्हें अनुमति नहीं मिल पाती, वे चलित भस्म आरती में शामिल हो सकते हैं।
इसके लिए 25 दिस से 5 जनवरी तक कार्तिक मंडपम को खाली रखकर चलित भस्म आरती की व्यवस्था की जाएगी। अभी 1700 भक्त रोज नंदी हॉल, गणेश मंडपम और कार्तिक मंडपम में बैठकर भस्म आरती में शामिल होते हैं। इसमें 400 भक्तों को ऑनलाइन दर्शन का लाभ मिलता है।