उज्जैन

सावन-भादौ में हर सोमवार को बदला रहेगा उज्जैन महाकाल भस्म आरती का समय, 6 सवारियां निकलेंगी

Mahakl ki Sawari 2026: सावन-भादौ के महीने में महाकाल की पारंपरिक सवारियों की तैयारियों पर बैठक में अहम निर्णय, इस बार त्रिवेणी संग्रहालय में एंट्री कर सकेंगे श्रद्धालु, हर सोमवार को बदला रहेगा भस्म आरती का समय, महाकाल की सवारी के लिए जारी की तारीखें, जानें कब निकलेगी पहली सवारी और कब शाही सवारी का होगा आयोजन
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Jul 13, 2026
Mahakal Sawari 2026
Mahakal Sawari 2026: महाकाल उज्जैन में सावन-भादौ नहीने में दर्शन, भस्मआरती और सवारी को लेकर उच्चस्तरीय बैठक में चर्चा। (Photo Source: patrika)

Mahakl ki Sawari 2026: विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण-भादौ मास में निकलने वाली भगवान श्री महाकाल की पारंपरिक सवारियों की पूर्व तैयारियों को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। श्री महाकालेश्वर मन्दिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर रौशन कुमार सिंह की अध्यक्षता में मंदिर परिसर स्थित ग्रीन रूम के सभाकक्ष में यह बैठक आयोजित की गई। इसमें श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम दर्शन और व्यवस्थाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में जानकारी दी गई कि इस वर्ष श्रावण मास में चार और भादौ मास में दो, यानी कुल 6 सवारियां निकाली जाएंगी। प्रथम सवारी 03 अगस्त को और अंतिम राजसी (शाही) सवारी 7 सितंबर को निकलेगी। सामान्य दर्शनार्थियों को त्रिवेणी संग्रहालय से प्रवेश मिलेगा, वहीं हर सोमवार को रात ढाई बजे से भस्म आरती होगी।

कलेक्टर की बैठक में कई निर्णय

कलेक्टर सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में श्रावण-भादौ मास में निकलने वाली भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी के सम्बन्ध में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सवारियों में श्रद्धालुओं की दर्शन व्यवस्था बेहतर और सुव्यवस्थित हो, श्रद्धालुओं को बेहतर और सुव्यवस्थित ढंग से भगवान महाकाल की सवारी के दर्शन हो सकें, ऐसा प्रयास किया जायेगा।

सावन-भादौ मास में निकलने वाली सवारियों की तारीख

  • पहली सवारी सोमवार - 3 अगस्त
  • दूसरी सवारी - 10 अगस्त
  • तीसरी सवारी - 17 अगस्त
  • चौथी सवारी - 24 अगस्त
  • पंचम सवारी भादौ मास में -31 अगस्त
  • राजसी (शाही) सवारी सोमवार 7 सितम्बर को निकाली जाएगी।
mahakal sawari 2026: महाकाल मंदिर उज्जैन में सावन-भादौ महीने में दर्शन और महाकाल की सवारी को लेकर तैयारियां शुरू। (photo: patrika file)

यह रहेगा सवारी मार्ग

भगवान महाकाल की सवारी मन्दिर के सभा मण्डप में विधि-विधान से पूजन-अर्चन उपरांत अपने निर्धारित समय 4 बजे से प्रारंभ होकर महाकाल चौराहा, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी होते हुए रामघाट शिप्रा तट पहुंचेगी। यहां सवारी का पूजन-अर्चन होने के बाद सवारी रामानुजकोट, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, खाती समाज मन्दिर, सत्यनारायण मन्दिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चोक, गोपाल मन्दिर, पटनी बाजार, गुदरी बाजार होती हुई श्री महाकालेश्वर मन्दिर में वापस आयेगी। राजसी (शाही) सवारी 7 सितम्बर को उपरोक्त मार्ग के अलावा टंकी चौराहा से मिर्जा नईमबेग, तेलीवाड़ा चौराहा , कण्ठाल, सतीगेट, सराफा, छत्री चोक, गोपाल मन्दिर, पटनी बाजार, गुदरी चौराहा होते हुए पुन: श्री महाकालेश्वर मन्दिर पहुंचेगी।

मंदिर के पट खुलने के समय में परिवर्तन

श्रावण-भादौ मास में प्रतिदिन भगवान श्री महाकालेश्वर की भस्म आरती 30 जुलाई से 7 सितंबर तक प्रातःकालीन पट खुलने का समय प्रातः 3 बजे होगा। प्रत्येक सोमवार को भस्म आरती का समय रात 2.30 बजे होगा। भस्म आरती प्रतिदिन प्रातः 3 से 5 बजे तक और प्रत्येक सोमवार को 2.30 से 4.30 बजे तक होगी। इसी तरह 8 सितंबर से पट खुलने का समय पूर्ववत होगा।

पार्किंग की व्यवस्था

- श्री महाकालेश्वर अन्नक्षेत्र के समीप वाला रिक्त स्थान
- मेघदूत वन पार्किंग
- नीलकंठ पार्किंग
- चारधाम पार्किंग
- कर्कराज पार्किंग
- कार्तिक मेला ग्राउण्ड पार्किंग

सामान्य दर्शन प्रवेश व्यवस्था

सामान्य दर्शन व्यवस्था श्रावण-भादौ मास में त्रिवेणी संग्रहालय के समीप से नन्दी द्वार, श्री महाकाल महालोक, मानसरोवर भवन, फेसिलिटी सेन्टर-1, टनल मन्दिर परिसर, कार्तिक मण्डपम, गणेश मण्डपम से भगवान श्री महाकालेश्वर के दर्शन दर्शनार्थी करेंगे।

साथ ही नीलकंठ प्रवेश द्वार की ओर से आने वाले श्रद्धालु मानसरोवर भवन में प्रवेश कर फेसिलिटी सेन्टर-1 एवं टनल मन्दिर परिसर, कार्तिक मण्डपम, गणेश मण्डपम से दर्शन उपरांत (निर्माल्य द्वार) अथवा नवीन आपातकालीन निर्गम द्वार से सीधे बाहर के लिए प्रस्थान करेंगे। श्रद्धालुओं के लिए जल अर्पण की व्यवस्था श्री महाकालेश्वर मंदिर के सभामंडप व कार्तिकेय मंडपम में जलपात्र के माध्यम से रहेगी।

Updated on:
13 Jul 2026 10:43 am
Published on:
13 Jul 2026 10:43 am