महाशिवरात्रि के लिए महाकाल मंदिर की दर्शन व्यवस्था, चार प्रवेश द्वार, नंदी हॉल के पीछे से दर्शन
उज्जैन.महाशिवरात्रि पर महाकाल मंदिर में दर्शन का प्रारंभिक प्लान तैयार हो गया है। यह लगभग गत वर्ष अनुसार है। इस अनुसार महाशिवरात्रि पर सभी श्रद्धालुओं के दर्शन की व्यवस्था नंदी हॉल के पीछे आठ रैलिंग से रहेगी। मंदिर परिसर में चार द्वार से प्रवेश दिया जाएगा।
पर्व की व्यवस्थाएं की जा रही
महाकालेश्वर मन्दिर में पर्व की व्यवस्थाएं की जा रही हैं। दर्शनार्थियों को कम समय में महाकाल बाबा के दर्शन हो, इसके लिए व्यापक प्रबंध किए जाएंगे। १३ फरवरी को दर्शन का प्लान गत वर्ष की तरह ही है। महाकाल दर्शन के लिए नन्दी हॉल के पीछे लगी आठ रेलिंग तक जाने के लिए आम और खास दर्शनार्थी को जल द्वार के पास से प्रवेश मिलगा।
परिसर में प्रवेश के चार द्वार
- महाशिवरात्रि पर्व पर भगवान महाकाल के दर्शन के लिए चार प्रवेश द्वार रहेंगे।
- सामान्य दर्शनार्थी का प्रवेश माधव न्यास (कार पार्किंग के जिगजेग) से स्थायी जिगजेग होते हुए फैसिलिटी सेंटर से होगा।
- वीआईपी, पासधारक और २५१ रुपए की रसीद लेने वाले दर्शनार्थियों के लिए व्यवस्था शंख चौराहा होते हुए फैसिलिटी सेंटर से प्रवेश रहेगा।
- वीवीआईपी दर्शनार्थियों की प्रवेश व्यवस्था महाकाल प्रवचन हाल से रहेगी।
- दिव्यांग के प्रवेश की व्यवस्था भस्म आरती गेट से रहेगी।
भोले के ब्याह की तैयारी, चमका रहे रुद्रयंत्र
महाशिवरात्रि को महाकाल मंदिर और मंगलनाथ मंदिर के पट लगातार ४२ घंटे खुले रहेंगे। इध शिवरात्रि ?ि को लेकर के लिए महाकाल मंदिर में तैयारियां की जा रही हैं। रुद्रयंत्र को चमकाया जा रहा है। कोटि तीर्थ कुंड की सफाई जारी है और शिखर की पुताई का कार्य अंतिम चरण में है।
१३ फरवरी शिवरात्रि पर्व
महाकाल मंदिर में १३ फरवरी शिवरात्रि पर्व को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। गर्भगृह में चांदी के रुद्रयंत्र ? की सफाई प्रारंभ हो गई है। रुद्र यंत्र को चमकाने का कार्य 3 दिन चलेगा। इस दौरान गर्भगृह में आम प्रवेश बंद कर दिया गया है। मंदिर के कोटितीर्थ कुंड की सफाई का कार्य जारी है। इसकी सफाई के बाद पुताई कर नया पानी भरा जाएगा। रंगीन फव्वारे चालू किए जाएंगे। पुताई का कार्य देख रहे इंजीनियर रवींद्र शर्मा ने बताया पुताई का कार्य अंतिम चरण में हैं। ठेकेदार दिनेश शुक्ला के अनुसार 4 फरवरी से पहले सभामंडप के बेस का कार्य भी पूरा हो जाएगा।