
Ujjain Photo Misuse Case: मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक नाबालिग छात्रा की फोटो का दुरुपयोग कर उसे बदनाम किया गया। मामला जिले के पंवासा पुलिस थाना क्षेत्र का है, जहां आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के बाद छात्रा के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में एक महिला बीएलओ भी शामिल है जिस पर आरोप है कि उसने SIR फॉर्म में लगाई गई छात्रा की पासपोर्ट साइज फोटो को अपने साथियों को उपलब्ध कराया।
पंवासा पुलिस थाने में 21 जून 2026 को पीड़िता के पिता ने शिकायत दर्ज कराते हुए बताया था कि उनकी बेटी के नाम से किसी ने कुछ वीडियो गांव व समाज के वॉट्सएप ग्रुप में वायरल कर दिए हैं। जिससे उनकी व बेटी की बदनामी हो रही है। पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लिया और मामले की जांच की तो पता चला कि वायरल वीडियो नाबालिग छात्रा के नहीं है। किसी दूसरी लड़की के वीडियो में स्क्रीनशॉट लेकर नाबालिग छात्रा की फोटो को एडिट कर इस्तेमाल किया गया है। पुलिस ने जांच और तेज की तो जल्द ही पुलिस के हाथ आरोपियों तक पहुंच गए।
पुलिस की जांच आगे बढ़ी तो तकनीकी जांच में पता चला कि नाबालिग छात्रा की जिस फोटो का दुरुपयोग किया गया है, वो फोटो छात्रा ने विशेष गहन परीक्षण (SIR) के फॉर्म में लगाकर जमा की थी। आरोप है कि संबंधित बीएलओ फखरुनिशा उर्फ बेबी ने नाबालिग छात्रा के फॉर्म में लगी फोटो को अपने साथी एहसान पटेल को भेजा और फिर उसने अपने साथियों आबिद पटेल और मुजफ्फर पटेल के साथ फोटो को साझा किया।
पुलिस की तफ्तीश में पता चला है कि आरोपी मुजफ्फर पटेल ने फोटो को एडिट कर आपत्तिजनक वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर वायरल किया। पुलिस ने महिला बीएलओ समेत चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों से उनके मोबाइल फोन और आरोपी महिला बीएलओ से एसआईआर से जुड़े दस्तावेज भी जप्त किए हैं। आरोपियों का एक साथी यूसुफ पटेल अभी भी फरार है जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। आरोपी और पीड़िता एक ही गांव के रहने वाले हैं, ऐसे में अंदेशा है कि नाबालिग पीड़िता के परिवार को बदनाम करने के लिए आरोपियों ने ये साजिश की है। वहीं, सरकारी रिकॉर्ड में जमा नागरिकों के दस्तावेजों और फोटो की सुरक्षा व्यवस्था पर भी यह मामला गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।