
mahamandaleshwar gyandas news- महामंडलेश्वर ज्ञानदास के खिलाफ ज्यादती और धमकी की एफआइआर दर्ज होने के तीन सप्ताह बाद भी वह फरार है। महाकाल थाना पुलिस के मुताबिक इस मामले में अपडेट यह है कि उसकी तलाश में जांच राजस्थान तक पहुंच गई है। बुधवार को भी कई स्थानों पर पुलिस ने दबिश दी। उसकी गुरुवार को भी सर्चिंग जारी रह सकती है।
पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती फरार ज्ञानदास की तलाश और उन डिजिटल व दस्तावेजी साक्ष्यों की पड़ताल करना है, जिनके आधार पर प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस को जानकारी मिली है कि ज्ञानदास राजस्थान के पाली और उसके आसपास स्थित आश्रमों में छिपा हो सकता है। हालांकि, पुलिस की ओर से इस लोकेशन की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। पुलिस का कहना है कि ज्ञानदास के शहर और आसपास के इलाकों में छिपने के बजाय बाहरी प्रदेश में कई ठिकाने हैं, जहां वह छिपा हो सकता है। उसकी तलाश की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक इस प्रकरण में सबसे अहम पहलू डिजिटल साक्ष्य है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को वाट्सऐप चैट और ऑडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराई है। शिकायत में गर्भावस्था से जुड़े और दो बार गर्भपात करवाने के दस्तावेज और बातचीत का भी उल्लेख सामने आया है। ऐसे में जांच ज्यादातर डिजिटल साक्ष्यों पर निर्भर हो गई है, जिसमें चैट, कॉल डिटेल, लोकेशन, मेडिकल दस्तावेज और दोनों पक्षों के बयानों का मिलान होगा। दूसरी तरफ, ज्ञानदास ने महिला के आरोपों को खारिज करते हुए खुद को ब्लैकमेलिंग और हनीट्रैप की साजिश का शिकार बताया था। उनका दावा था कि महिला और उसके सहयोगियों ने उनसे लाखों रुपये की मांग की।
बता दें, ज्ञानदास सदावल रोड स्थित दादू आश्रम से जुड़े श्री पंचायती निर्मोही अणि अखाड़े के महामंडलेश्वर हैं, जिनके खिलाफ जुलाई के अंत में महिला ने शादी के नाम पर झांसा देकर ज्यादती, मारपीट, धमकी और ब्लैकमेल करने के आरोप लगाए थे। महिला का दावा है, सोशल मीडिया पर संपर्क के बाद उसका आश्रम में आना-जाना बढ़ा और बाद में शादी का भरोसा देकर उसका शोषण किया गया। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद बीएनएस की धारा 69 और 351(3) के तहत केस दर्ज किया।