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91 फीट ऊंचे पुल पर 300 जवानों ने 10 मिनट तक की जंपिंग, उज्जैन के वीडियो ने बढ़ाई हलचल

Nagchandreshwar Bridge Jumping Test-नागचंद्रेश्वर मंदिर के पुल पर 300 सुरक्षाकर्मियों ने किया जंपिंग टेस्ट, मजबूती जांच का वीडियो वायरल, ओवैसी ने व्यवस्थाओं पर कसा तंज, सांसद फिरोजिया ने दिया पलटवार, 2022 में बना था 91 फीट लंबा लोहे का पुल...।
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Nagchandreshwar Bridge Jumping Test

Nagchandreshwar Bridge Jumping Test- उज्जैन के नागचंद्रेश्वर मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं के जाने के लिए ब्रिज के लिए सुरक्षाकर्मियों ने जंप लगाकर की टेस्टिंग।

Nagchandreshwar Bridge Jumping Test- उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर में नागपंचमी पर दर्शन व्यवस्था से पहले 91 फीट लंबे लोहे के पुल की मजबूती जांच का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में 300 से अधिक सुरक्षाकर्मी करीब 10 मिनट तक पुल पर एक साथ जंपिंग करते नजर आए। मंदिर समिति के अनुसार, यह प्रक्रिया श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की गई थी। वीडियो वायरल होने के बाद एआइएमआइएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने सोशल मीडिया पर तंज कसा, जिस पर उज्जैन-आलोट सांसद अनिल फिरोजिया ने पलटवार किया।

ओवैसी का तंज, सांसद बोले- जनता की सुरक्षा सबसे बड़ा धर्म

ओवैसी ने वीडियो रिट्वीट करते हुए उज्जैन की व्यवस्थाओं पर टिप्पणी की। इसके बाद सांसद अनिल फिरोजिया ने कहा कि ओवैसी को उज्जैन की परिस्थितियों और व्यवस्थाओं की पूरी जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुल की हर तरह से टेस्टिंग कराई गई। कर्मचारियों की सुरक्षा का भी ध्यान रखा गया। यदि हजारों श्रद्धालु पुल से गुजरेंगे तो उस पर भार पड़ेगा, इसलिए पहले ही उसकी क्षमता जांचना जरूरी है।

दोनों ओर अलग-अलग कराई जंपिंग

मंदिर समिति के अनुसार, नागपंचमी से पहले हर साल पुल की सुरक्षा जांच की जाती है। इस बार करीब 300 सुरक्षाकर्मियों को पुल के दोनों हिस्सों में अलग-अलग जंपिंग कराई गई। करीब 10 मिनट तक चले इस परीक्षण से पुल की मजबूती और भार वहन क्षमता जांची गई। पुल का सुरक्षा प्रमाण-पत्र लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी किया जाता है।

2022 में बना था पुल

नागचंद्रेश्वर मंदिर के लिए 91 फीट लंबे लोहे के पुल का निर्माण वर्ष 2022 में कराया गया था। 30 जून 2022 को केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआइ), रुडक़ी की अनुमति के बाद नया पुल तैयार किया गया। इसके बाद से हर नागपंचमी से पहले इसकी सुरक्षा जांच की जा रही है। गाड्र्स से जंपिंग कराकर मजबूती जांचने की प्रक्रिया पिछले दो-तीन वर्षों से अपनाई जा रही है।