National Games Player Death: मध्यप्रदेश टीम की ओर से कोलकाता गए थे 16 साल के उजैर, कोलकाता नएशनल चैंपियनशिप के लिए गया बेटा, फिर नहीं लौटा...
National Games Player Death: मध्यप्रदेश टीम की ओर से कोलकाता गए उज्जैन के 16 साल के जिम्नास्ट उजैर अली की इलाज के दौरान मौत हो गई। बताया जा रहा है कि जिम्नास्टिक नेशनल चैंपियनशिप से पहले 16 जनवरी को उजैर वार्मअप के दौरान गिर गया था। गंभीर रूप से घायल होने के कारण 12 दिन से उसका अस्पताल में इलाज जारी था। जिंदगी और मौत से जूझ रहे उजैर ने 28 जनवरी को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। दो बार नेशनल मेडल जीतने वाले उज्जैन के 16 वर्षीय जिमनास्ट उजैर अली के माता-पिता और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
बेटे की मौत से आहत परिजनों ने इस मामले में कोच और मैनेजर पर आरोप लगाया है कि दोनों उसे अस्पताल में छोड़कर लौट गए थे। उजैर का शव फ्लाइट से इंदौर लाया गया है, यहां से शव उज्जैन ले जाया गया है।
स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SGFI) की ओर से कोलकाता में आयोजित नेशनल चैंपियनशिप के लिए उजैर अली 12 जनवरी को 43 बच्चों की टीम के साथ रवाना हुए थे। 16 जनवरी को प्रतियोगिता शुरू होने से पहले दोपहर करीब 1:50 बजे वह बीएनआर सेंटर में प्रैक्टिस कर रहा था। इसी दौरान हाथ फिसलने से वह सिर के बल जमीन पर गिर पड़ा। हादसे में उन्हें गर्दन में गंभीर चोट आई, जिसके बाद उसे तत्काल कोलकाता के पीजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
प्रभारी शिक्षा अधिकारी महेंद्र खत्री के मुताबिक जिम्नास्ट खिलाड़ी का इलाज पश्चिम बंगाल सरकार ने किया था। इलाज के दौरान सरकार ने खिलाड़ी के माता-पिता के ठहरने और भोजन की समुचित व्यवस्था की। इलाज का पूरा थर्च सरकार ने ही उठाया। जिससे परिवार पर किसी तरह का आर्थिक बोझ नहीं आया। किसी बच्चे को न बचा पाना सबसे बड़ी पीड़ादायक स्थिति होती है। खत्री ने स्पष्ट किया कि कोट ने पूरे मामले की जानकारी विधिवत तरीके से दी थी। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक कारणों से कॉल पर न होने की स्थिति में कभी-कभी न उठ पाना अलग विषय है। इसे लापरवाही के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
एमपी जिम्नास्टिक एसोसिएशन के जीएम रामसिंह बनिहार का कहना है कि उजैर होनहार खिलाड़ी था। उसे जब चोट लगी थी, तब वह और कोट सुंदरलाल कोलकाता में दूसरी जगह ठहरे थे। सूचना मिलते ही मेट्रो हॉस्पिटल पहुंचे। यहां बंगाल एसोसिएशन के लोगों ने मदद की। उनका कहना था कि उज्जैन संभाग से गए किसी भी खिलाड़ी का बीमा नहीं था। उन्होंने ये भी कहा कि बच्चे की मौत से एसोसिएशन आहत है।
उजैर के मामा डॉ. शाकिब अंजुम का कहना है कि बंगाल खेल एसोसिएशन ने इलाज से लेकर परिवार को सहयोग देने तक हर स्तर पर साथ निभाया। यहां तक कि उनके अधिकारी और कर्मचारी 12 दिन तक लगातार अस्पताल में डटे रहे। उजैर की मौत के बाद उसके शव को एयरलिफ्ट कराने का आश्वासन दिया। एमपी खेल एसोसिएशन के लोगों ने कोई जिम्मेदारी नहीं निभाई। यहां तक कि उसके उपचार के दौरान एक भी दिन एमपी खेल एसोसिएशन के लोग अस्पताल नहीं पहुंचे। उन्होंने उजैर की सूध नहीं ली। जब भी फोन लगाए गए, किसी ने फोन नहीं उठाया।
बता दें कि उज्जैन की जामा मस्जिद क्षेत्र के निवासी मजहर अली के बेटे उजैर अली अंडर-16 जिम्नास्टिक टीम के सदस्य थे। वे बचपन से पढ़ाई के साथ जिम्नास्टिक्स की प्रैक्टिस भी कर रहे थे। जिला और राज्य स्तर पर कई पदक जीत चुके उजैर को मध्यप्रदेश के टॉपर जिम्नास्ट का खिताब भी मिल चुका था। नेशनल लेवल पर भी उनका चयन हुआ था।