उज्जैन सेंटर से भी तीन हितग्राही महिलाएं वीसी में शामिल हुईं।
उज्जैन. उज्ज्वला योजना को लेकर सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में महिला हितग्राहियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए संवाद किया। उज्जैन सेंटर से भी तीन हितग्राही महिलाएं वीसी में शामिल हुईं। करीब ४५ मिनट चले संवाद में शहर की महिलाएं अपनी बारी आने का इंतजार करती रहीं, लेकिन उज्जैन सहित पूरे प्रदेश का ही नंबर नहीं आया।
सुबह 10 बजे शुरू हुई
पीएम मोदी की वीडियो कॉन्फ्रेंस सुबह करीब १० बजे शुरू हुई। शहर से देशभर के सभी जिला सेंटर से तीन-तीन महिलाएं शामिल हुईं। उज्जैन से मक्सी रोड निवासी गायत्री पारिया, नागझिरी निवासी निशा मानवटकर व भागर्व मार्ग निवासी आमना बी को एनआईसी कक्ष में हुई वीसी में बुलाया गया था। प्रधानमंत्री ने कश्मीर, तमिलनाडू, ओडीशा, असम व छत्तीसगढ़ के एक-एक जिला सेंटर की महिलाओं से चर्चा कर योजना का फीडबैक लिया।
सभी अपनी बारी के लिए उत्सुक थे
पीएम से चर्चा को लेकर हितग्राहियों सहित मौजूद अधिकारी व एजेंसी संचालक उत्सुक थे और अपनी बारी आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे लेकिन पांच सेंटरों को छोड़ शेष किसी भी जगह संवाद नहीं हो सका। हालांकि इसके बावजूद हितग्राही महिलाएं पीएम द्वारा महिलाओं की चिंता करते हुए की गई चर्चा से खुश हुईं।
ये रहे मौजूद
वीसी के दौरान उज्जैन एनआइसी कक्ष में उज्ज्वला योजना के नोडल अधिकारी मनीष कुमार, वरिष्ठ वितरक भगवानदास एरन, संदीप वत्स, सहायक आपूर्ति अधिकारी श्रीराम बर्डे व एनआईसी की सुचिता श्रीवास्तव मौजूद थीं।
मोदी बोले-मेगी नहीं पौष्टिक खाना दो
वीसी में पीएम ने महिलाओं से योजना का फीडबैक लिया। उन्होंने उनके अनुभव जानने के साथ ही यह भी पूछा कि योजना में किसी को रुपए तो नहीं देना पड़े। जिन सेंटरों से चर्चा हुई, उन सभी जगह से अच्छा फीडबैक दिया गया। तमिलनाडू की एक महिला हितग्राही से मोदी ने कहा, पहले चूल्हे पर डोसा नहीं बन पाता होगा, अब तो डोसा ठीक से बन रहा है ना।
मोदी ने पूछा क्या खिलाती हैं बच्चों को
इसी तरह ओडिशा की महिला से उन्होंने पूछा कि गैस कनेक्शन मिलने के बाद बच्चों को क्या लज्जतदार खिलाती हैं। जवाब में महिला ने मैगी कहा। इस पर मोदी बोले, मैगी नहीं अच्छी-अच्छी सब्जियां और पौष्टिक आहार दिया करें। उन्होंने यह भी कहा, सभी के जीवन में अच्छे बदलाव आना चाहिए। मेरा अनुभव है कि घर में यदि महिला को घर में सुविधा शुरू हुई तो वह घर के लिए सबकुछ कर देंगी।