उज्जैन

सिंहस्थ से पहले यहां बनेगी स्पिरिचुअल सिटी, फिर दुनिया का केंद्र बनेगा ये शहर

Spiritual City In Ujjain : यहां श्रद्धालु कर सकेंगे 12 ज्योतिर्लिंगों के एक साथ दर्शन। सैलानियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। देश का सबसे बड़ा शिवलिंग बनेगा, 8 कि.मी की परिक्रमा। कालगणना का केंद्र रही अवंतिका को विश्व पटल पर लाने की तैयारी।

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महाकाल लोक ( Mahakal Lok ) के बाद अब उज्जैन में अलग स्पिरिचुअल सिटी ( Spiritual City ) ( धार्मिक नगरी ) विकसित की जाएगी। ये महाकाल मंदिर ( Mahakal Temple ) के 15 कि.मी के दायरे में करीब 150 एकड़ में बनेगी। इस नगरी में देश का सबसे बड़ा शिवलिंग भी बनेगा। इसके चारों तरफ 12 ज्योतिर्लिंग ( Twelve Jyotirlingas ) स्थापित किए जाएंगे। ये शिवलिंग और मंदिर इतने बड़े दायरे में होंगे कि इनकी परिक्रमा 8 कि.मी की होगी।

उज्जैन को सबसे बड़े यूनिटी मॉल देने के बाद राज्य सरकार ये सौगात 2028 के सिंहस्थ के पहले 2027 तक देने की तैयारी कर रही है। यहां सैलानियों के रुकने के लिए कॉटेज और आधुनिक बाजार के साथ सभी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। इस सिटी की कागजी तैयारी पूरी हो गई है। जल्द मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने प्रजेंटेशन दिया जाएगा। इसके बाद प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारने की कवायद होगी। प्रोजेक्ट से जुड़े अफसरों की मानें तो दो स्थानों पर जमीन चिह्नित कर ली गई है।

पर्यटकों के होटल और बच्चों के लिए प्ले एरिया

स्पिरिचुअल सिटी में पर्यटकों के लिए हर श्रेणी के होटल और कॉटेज की व्यवस्था रहेगी। पूरा क्षेत्र हरियाली से भरा होगा। इसमें बच्चों के लिए प्ले एरिया भी रहेगा। उनके खेलने के लिए सभी तरह की अत्याधुनिक सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। गाड़ियों की पार्किंग के लिए बड़ी-बडी मल्टीलेवल पार्किंग भी बनाई जाएंगी।

इसलिए धार्मिक नगरी की जरूरत

जानकारों का कहना है कि स्पिरिचुअल सिटी विकसित करने के पीछे सरकार की मंशा पर्यटकों को बेहतर सुविधा मुहैया कराना है। सिंहस्थ में देश-विदेश से लाखों लोग उज्जैन पहुंचते हैं। वे आसानी से बाबा महाकाल के दर्शन कर सकें और उनके ठहरने की बेहतर व्यवस्था हो। कालगणना का केंद्र रही उज्जैन नगरी को फिर से विश्वस्तर पर गढ़ने की पटकथा लिखने की तैयारी है।

असम में सबसे बड़ा शिवलिंग

अभी दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग महामृत्युंजय मंदिर में है। यह मंदिर असम राज्य के बरदुआ क्षेत्र स्थित नौगांव में है। यह मंदिर अपने स्थापत्य कला के लिए विशेष रूप से जाना जाता है। इसका निर्माण शिवलिंग के रूप में ही किया गया है। यह दुनिया का सबसे बड़ा और ऊंचा शिवलिंग है। शिवलिंग की ऊंचाई 126 फीट है। उज्जैन में इससे बड़ा होगा।

उज्जैन में अब तक क्या-क्या

-855 करोड़ से महाकाल लोक बना। महाकाल लोक में दो द्वार, शिव लीला को बतातीं मूर्तियां, गार्डन क्षेत्र, रुद्रसागर तट क्षेत्र, शिव स्तंभ, सप्तऋषि प्रतिमाएं लगाईं।
ओपन एयर थियेटर और मुक्ताकाश मंच से निखर गया महाकाल लोक।

-केंद्र से यूनिटी मॉल की सौगात मिली, यह प्रदेश का सबसे बड़ा मॉल होगा।

-मॉल में 132 शोरूम, दो मल्टीप्लेक्स, 45 कमरों की होटल, दो गेम जोन।

Published on:
17 May 2024 08:37 am
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