Ujjain- मारते हुए शिक्षक के चेहरे के हाव भाव से स्पष्ट हो रहा है कि उसने क्रूरता की हद पार कर दी
Ujjain- उज्जैन के महर्षि सान्दीपनि राष्ट्रीय वेदविद्या प्रतिष्ठान से जुड़ा एक गंभीर मामला शनिवार को सामने आया है। यहां वैदिक शिक्षा देने वाले संस्थान में अनुशासन के नाम पर एक छात्र के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो ने शिक्षा व्यवस्था और छात्र सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मारते हुए शिक्षक के चेहरे के हाव भाव से स्पष्ट हो रहा है कि उसने क्रूरता की हद पार कर दी है। सवाल यह है कि यह एक विद्यार्थी का वीडियो वायरल हुआ है, ऐसे न जाने कितने विद्यार्थियों के साथ शिक्षक ने अब तक इस तरह बेरहमी से मारपीट की होगी।
वायरल वीडियो में टीचर को एक नाबालिग छात्र को छड़ी से लगातार पीटते हुए देखा जा सकता है। आरोप है कि सामवेद राणायनी शाखा के अध्यापक दत्तदास शेवडे छात्र से दूसरे के बिस्तर पर सोने को लेकर सवाल-जवाब करते हुए उसे बार-बार मारते रहे। छात्र दर्द से कराहता रहा, लेकिन पिटाई का सिलसिला थमता नजर नहीं आया। कमरे में मौजूद किसी व्यक्ति ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो अब सामने आया है।
यह वीडियो चिंतामन गणेश मंदिर रोड स्थित राष्ट्रीय आदर्श वेदविद्या परिसर के छात्रावास कक्ष का बताया जा रहा है। यहां देशभर से छात्र वैदिक अध्ययन के लिए आते हैं और आवासीय व्यवस्था में रहते हैं। संस्थान में छात्रों के लिए ब्रह्म मुहूर्त में उठना, संध्यावंदन करना और अनुशासित दिनचर्या का पालन अनिवार्य है, जिसकी निगरानी वार्डन और शिक्षकों द्वारा की जाती है।
अनुशासन के नाम पर अमानवीयता
घटना ने यह प्रश्न खड़ा कर दिया है कि क्या अनुशासन लागू करने के नाम पर शारीरिक दंड सही है? वैदिक शिक्षा जैसे संवेदनशील और संस्कार आधारित वातावरण में इस प्रकार की कठोरता को लेकर अभिभावकों और समाज में नाराजगी देखी जा रही है। मामला सामने आने के बाद प्रशासन सक्रिय हो गया है।
निलंबन और कानूनी कार्रवाई की तैयारी
संस्थान के सचिव विरुपाक्ष जड्डीपाल ने कहा कि घटना की जानकारी मिल चुकी है। संबंधित शिक्षक को निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पूर्व हेड से चर्चा कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं दोहराई न जाएं। भारत सरकार के अधीन संचालित यह प्रतिष्ठान देशभर में वैदिक अध्ययन के प्रमुख केंद्रों में गिना जाता है।