मामला चंबल नदी से अवैध रेत उत्खनन का...
नागदा. रेत माफियाओं द्वारा प्रशासन के आंखों में धूल झोंकने का कार्य अभी भ्ी जारी है। लापरवाही की हद तो तब हो गई जब रेत माफिया चंबल नदी किनारे स्टॉक की गई सैकडों ट्राली रेत रात के अंधेरे में ले उड़े और प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लग, जबकि पिछले 4 दिन से खनिज विभाग, राजस्व एवं पुलिस प्रशासन रहें माफियाओं के खिलाफ कार्यवाही कर रही थी। इस दौरान प्रशासन ने करीब 20 किमी क्षेत्र में फैले अवैध रेत उत्खनन साम्राज्य को ध्वस्त कर नदी से रेत निकालने वाली 5 नांव एवं अन्य संसाधनों को जब्त करने में सफलता तो हासिल की, लेकिन रेत माफियाओं द्वारा गांव नायन, टुमनी, भाटीसुडा, भीलसुडा, पिपलौदा बागला, पाडसुतिया, आदि ग्रामीण क्षेत्रों में स्टॉक की गई रेत के ढेरों पर नजर नहीं पड़ी। प्रशासन की इस लापरवाही का फायदा रेत माफियाओं ने रात के अंधेरे में उठाने में कामयाब हो गए और बीती रात यानी गुरुवार-शुक्रवार की रात को स्टॉक की गई सारी रेत अपने संसाधनों से उठा गए।
रातभर चलता रहा रेत शिफ्ट करने का कार्य
गुरुवार शाम को प्रशासन जब टुमनी गांव स्थित चंबल घाट से जब्त कि गई नावों एवं अन्य संसाधन को शहर लाने की तैयारी कर रहा था, उसी समय रेत माफिया प्रशासन की नजरों से दूर पड़ी सैकड़ों ट्राली रेत को ठिकाने लगाने की योजना बना रहे थे। जैसे ही प्रशासनिक महकमा टुमनी घाट से जब्तों का सामान वाहनों में भर कर शहर पहुंचा, उधर रेत माफियाओं ने स्टॉक की गइ्र्र रेत को ठिकाने लागने के लिए अपनी ट्रैक्टर ट्राली डंपर एवं जेसीबी दौड़ा दी। ग्रामीणों के मुताबिक माफियाओं द्वारा रेत शिफ्टिंग ग का कार्य रात भर चलता रहा। इस दौरान सैकड़ों ट्राली रेत माफियां उठाकर ले उड़े और प्रशासन को कानो-कान खबर भी नहीं लगी।
लापरवाही या मिलीभगत
प्रशासन की इसे लापरवाही कहे या मिली भगत। अवैध रेत उत्खनन में लगे लोग श्ुाक्रवार को दिन-दहाड़े स्टॉक रेत के ढेरों से ट्रैक्टर ट्रॉली से उठा कर ले जाते रहे और प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा, हद तो तब हो गई कि यह रेत से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली बिरलाग्राम पुलिस थाने के सामने से कई बार गुजरी पर किसी की भी नजर इस पर नहीं पड़ी या किसी ने जानबूझकर देखने की सहमत नहीं उठाई। इसी प्रकार समीपस्थ गांव नायन में भी अवैध रेत का परिवहन होता रहा। सूत्रों के माने तो रेत माफियां द्वारा करीब 50 ट्राली का स्टॉक गांव नायन में किया गया है और यह कार्यअनवरत जारी है।
&प्रशासन द्वारा जिन स्थानों पर कार्यवाही की गई है, वहां रेत स्टॉक जैसी कोई बात नहीं थी। दुर-दराज इलाकों में कही रेत का स्टॉक हो तो कहा नहीं जा सकता, वैसे प्रशासन को अवैध रेत खनन या परिवहन की शिकायत मिलेगी तो हम कार्रवाईकरेंगे।
डॉ. रजनीश श्रीवास्तव, एसडीएम, नागदा