बिजली विभाग की संबल योजना, हितग्राही का सर्वे काम जारी, आवेदन की जांच कर रिकार्ड के दस्तावेजों से मिलान
उज्जैन. शहर के 35 हजार बीपीएल उपभोक्ताओं का रिकॉर्ड कम्यूटर में नहीं होने से बिजली कंपनी को सरल बिजली बिल योजना में बीपीएल उपभोक्ताओं को लाभ दिलाने में समस्या हो गई है। कलेक्टर ने इन उपभोक्ताओं को शीघ्र योजना में शामिल करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद बिजली कंपनी के अधिकारियों ने नगर निगम से 13 वर्ष पुराने रिकॉर्ड निकलवाया है।
योजना के तहत बीपीएल उपभोक्ताओं का बिल माफ किया जा रहा है। बिजली कंपनी शिविर लगाकर बीपीएल उपभोक्ताओं का सत्यापन कर रही है। उपभोक्ता का बीपीएल नं. सॉफ्ट (कम्प्यूटर) में अंकित करने पर नाम नहीं दर्शा रहा है, जिससे उक्त उपभोक्ता का सत्यापन नहीं हो पा रहा।
3 हजार पन्नों की फोटो कॉपी
कार्यपालन यंत्री एसके जैन ने बताया कि जिन उपभोक्ताओं का रिकॉर्ड नहीं मिल रहा है यह वे उपभोक्ता हैं जिनका बीपीएल राशन कार्ड वर्ष २००६ के पूर्व बना था। वर्ष २००६ के बाद से बीपीएल कार्ड राजस्व विभाग बना रहा है। इसके पूर्व के यह कार्य नगर निकाय द्वारा किया जाता था। उस समय नगर निगम ने इन उपभोक्ताओं की इंट्री कम्प्यूटर में नहीं की, जबकि वर्ष २००६ के बाद से बने बीपीएल कार्ड कम्प्यूटर में अंकित हो चुके हैं। नगर निगम के पास इन लोगों के रिकॉर्ड कागज में है। जिसे बिजली कंपनी नगर निगम से प्राप्त कर अब फोटो कॉपी कराकर, उनकी इंट्री कम्प्यूटर में करेगा। लगभग ३ हजार पन्नों का यह रिकॉर्ड है।
३० जून तक चलेगा सर्वे
शहर में इन दिनों बिजली कंपनी द्वारा असंगठित पंजीकृत श्रमिक व बीपीएल उपभोक्ताओं का सर्वे किया जा रहा है। यह कार्य ३० जून तक चलेगा। जुलाई से उक्त उपभोक्ताओं को योजना का लाभ देना है। इसके लिए बिजली कंपनी द्वारा घर-घर सर्वे कर रही है। साथ ही अलग-अलग जोन में शिविर लगाकर उपभोक्ताओं के नि:शुल्क आवेदन भरवाए जा रहे हंै।
यह है स्थिति
शहर में कितने बीपीएल उपभोक्ता 73 हजार लगभग
कितना रिकॉर्ड गड़बड़ 35000
कुल वार्ड 54
अभी तक कितने उपभोक्ता चिह्नित
जमा हुए आवेदन 3072
कितने पात्र उपभोक्ता 2228
अपात्र उपभोक्ता 844