उज्जैन

Ujjain : पहली बार महाकाल की संपत्ति का हुआ खुलासा, 472 करोड़ की एफडी, 90 एकड़ बेशकीमती जमीन

Ujjain Mahakal Assets : महाकालेश्वर मंदिर समिति हर साल श्रद्धालुओं से मिलने वाले दान का ब्योरा तो जारी करती है, लेकिन पहली बार मंदिर की कुल वित्तीय और स्थायी संपत्तियों का खुलासा किया गया है।
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Ujjain Mahakal Assets
Ujjain Mahakal Assets (पहली बार महाकाल की संपत्ति का हुआ खुलासा Photo Source- Patrika)

Ujjain News :मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर समिति हर साल श्रद्धालुओं से मिलने वाले दान का ब्योरा तो जारी करती है, लेकिन पहली बार मंदिर की कुल वित्तीय और स्थायी संपत्तियों का खुलासा किया गया है। मंदिर समिति के पास मौजूदा समय में करीब 472 करोड़ रुपए की फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी), 90 एकड़ बेशकीमती जमीन और बड़ी मात्रा में सोना - चांदी है।

मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि, समिति की एफडी यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ इंडिया में हैं। विभिन्न बैंक खातों में करीब 16 करोड़ की नकद राशि भी जमा है। हालांकि, श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के कारण मंदिर का वार्षिक खर्च भी बढ़कर करीब 135 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। वहीं, मंदिर का मासिक खर्च पहले 2.5 करोड़ रुपए था जो अब बढ़कर 11 करोड़ से ज्यादा हो गया है।

यह आकलन बाकी

-साल 2025 में लगभग 6 करोड़ श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन किए। मंदिर को 107 करोड़ का नकद दान मिला (43 करोड़ दान पेटी से, 64 करोड़ शीघ्र दर्शन टिकट व रसीदों से)।

-श्रद्धालुओं ने सोना-चांदी भी चढ़ाया। चांदी 592.36 किलो (2024 की तुलना में 193 किलो ज्यादा)। सोना- 1.48 किलोग्राम।

-मंदिर के पास पहले से भी पर्याप्त मात्रा में सोना - चांदी संरक्षित कर रखा हुआ है, जिसकी कुल अनुमानित कीमत और वजन का सटीक आकलन होना अभी बाकी है।

मंदिर का वित्तीय लेखा-जोखा

-फिक्स्ड डिपॉजिट 472 करोड़ (यूबीआइ, बीओआइ में)
-बैंक खातों में नकदी करीब 18 करोड़ कुल जमीन लगभग 90 एकड़ (कीमत करोड़ों में)
-सालाना आय 142 करोड़ रुपए
-2025-26 में सालाना खर्च लगभग 135 करोड़
-लड्डू प्रसादी से आय 65 करोड़ रुपए
-एक साल में मिला 592 किलो चांदी और 1.48 किलो सोना

47 हेक्टेयर में बना है परिसर

11 अक्टूबर 2022 को पीएम नरेंद्र मोदी ने श्री महाकाल लोक का लोकार्पण किया था। पहले रोजाना 40-50 हजार लोग महाकाल के दर्शन करने आते थे। लेकिन, जब से महाकाल लोक बनकर तैयार हुआ है, तब से 1.5 से 2 लाख लोग रोजाना आ रहे हैं। मंदिर परिसर का क्षेत्रफल 2.82 हेक्टेयर से बढ़कर 47 हेक्टेयर हो चुका है।

Updated on:
12 Jul 2026 07:32 am
Published on:
12 Jul 2026 07:32 am