
Venomous Russell viper snake: लगातार मानसूनी बारिश के कारण शहर और आसपास के क्षेत्रों में सर्पों की गतिविधियां बढ़ गई हैं। बिलों में पानी भरने से सांप सुरक्षित स्थानों की तलाश में रिहायशी इलाकों का रुख कर रहे हैं। हाल ही में उज्जैन के कानीपुरा रोड स्थित गिरिराज रतन कॉलोनी में बच्चों की टॉय कार के भीतर कपड़ों के नीचे जहरीला रसल वाइपर कुंडली मारकर बैठा मिला। परिवार की सूचना पर स्नेक रेस्क्यू टीम ने समय रहते उसे सुरक्षित पकड़ लिया।
सर्पोद्यान के डायरेक्टर डॉ. मुकेश इंगले ने बताया कि इस मानसून में अब तक उज्जैन शहर और आसपास के क्षेत्रों से करीब 80 सर्पो का सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है। इनमें लगभग 10 प्रतिशत विषैले और 90 प्रतिशत गैर विषैले हैं। अधिकतर सांप बिना उकसावे के हमला नहीं करते, बल्कि खतरा महसूस होने पर ही बचाव में काटते हैं। रेस्क्यू के बाद सर्पो को प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार बारिश में बच्चों के खुले में पड़े खिलौने, टॉय कार, साइकिल, जूते-चप्पल, गत्ते, लकड़ी, कबाड़ और निर्माण सामग्री के बीच सांप आसानी से छिप सकते हैं। ऐसे में बिना जांचे कोई सामान न उठाएं और घर के बाहर रखे जूते पहनने से पहले उन्हें अच्छी तरह देख लें। घर के पास झाड़ियां, घास और कबाड़ जमा न होने दें।
आ रही रेस्क्यू कॉल सर्प मित्र राहुल मोकरीवाल के अनुसार नानाखेड़ा, नागझिरी, मुल्लापुरा, कानीपुरा रोड, आगर रोड, इंदौर रोड और शहर से लगी नई कॉलोनियों से सबसे अधिक रेस्क्यू कॉल मिल रही हैं। तेजी से हो रहे निर्माण कार्य, पेड़ों की कटाई और प्राकृतिक आवास प्रभावित होने से सर्प आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंच रहे हैं। उन्होंने रसल वाइपर कोबरा और कॉमन करैत जैसी विषैली प्रजातियों से सावधानी बरतने की सलाह देते हुए कहा कि सांप दिखाई देने पर उसे पकड़ने का प्रयास न करें, बल्कि तुरंत प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना दें।