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रात 3 बजे मां के साथ सो रहे भाई-बहन को सांप ने डसा, भिंड में एक साथ उठी दोनों की अर्थी

Snake Bite Brother Sister Death: 5 साल के आयुष और 8 साल की काव्या की सांप के डसने से मौत, परिवार में मातम का माहौल है, भाई-बहन का एक साथ अंतिम संस्कार हुआ तो रो पड़ा पूरा गांव ।
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snake bite brother sister death, आयुष और काव्या की जीवित अवस्था की तस्वीर और वो कमरा जिसमें सांप ने डसा (source-patrika)

Bhind Snake Bite Brother Sister Death: मध्यप्रदेश के भिंड जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, यहां मां के साथ सो रहे भाई-बहन को जहरीले सांप ने डस लिया जिससे दोनों बच्चों की मौत हो गई। घटना देहात थाना क्षेत्र के पुर गांव की है जहां बीती रात 3 बजे मां के साथ पलंग पर तीन बच्चे सो रहे थे। दो बच्चों 5 साल के आयुष को सांप ने हाथ में और 8 साल की काव्या को पैर में डस लिया। परिजन बच्चों को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने काव्या को मृत घोषित कर दिया तो वहीं ग्वालियर ले जाते वक्त आयुष की भी सांसें थम गईं।

रात 3 बजे सांप ने डसा

देहात थाना क्षेत्र के पुर गांव में सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात धर्मेन्द्र सिंह नरवरिया की पत्नी अपने तीनों बच्चों 5 वर्षीय आयुष, 8 वर्षीय बेटी काव्या और 12 वर्षीय बेटे के साथ घर के कमरे में पलंग पर सो रही थीं। रात 3 बजे काव्या और आयुष अचानक रोने लगे, जिनकी आवाज सुनकर बड़े बेटे ने कमरे की लाइट जलाई तो काला सांप बिस्तर के पास नजर आया। बिस्तर के पास सांप दिखते ही मां ने परिवार के अन्य सदस्यों को जगाया और बच्चों को अस्पताल लेकर रवाना हुई।

सांप के डसने से भाई-बहन की मौत

परिजन जब तक दोनों बच्चों को अस्पताल लेकर पहुंचे देर हो चुकी थी, जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने काव्या को मृत घोषित कर दिया। वहीं आयुष की गंभीर हालत को देखते हुए ग्वालियर रेफर कर दिया, लेकिन परिजन उसे ग्वालियर ले जा पाते इससे पहले ही रास्ते में आयुष की भी सांसें थम गईं। दोनों बच्चों की मौत से परिवार में मातम का माहौल है। मंगलवार दोपहर दोनों का जिला अस्पताल में पीएम करवाकर शव परिजन के सुपुर्द सौंपे गए हैं, जिसके बाद दोनों बच्चों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया।

बारिश में बढ़ी सर्पदंश की घटनाएं

भिंड जिले में बारिश के मौसम के साथ ही सर्पदंश की घटनाओं में वृद्धि दर्ज की गई है। एक माह के भीतर जिले में सर्पदंश की 25 घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें चार लोगों की जान चली गई है, जबकि 21 अन्य घायल हुए हैं। इन घटनाओं में से अधिकतर घरों में सोते समय ही हुई हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सर्पदंश होने पर झाड़फूंक के चक्कर में न पड़े और तत्काल चिकित्सकीय सहायता लें। साथ ही, घरों में साफ-सफाई रखने, खुले पाइपों को बंद करने और आसपास खरपतवार न उगने देने जैसी सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।

सर्पदंश से बचाव और प्राथमिक उपचार

बारिश में सर्पदंश का खतरा बढ़ जाता है। इससे बचने के लिए घरों के आसपास साफ-सफाई रखें, झाड़ियां न उगने दें और बिलों को बंद करें। रात में बाहर निकलते समय टॉर्च का उपयोग करें। यदि सर्प डस ले तो घबराएं नहीं। प्रभावित अंग को स्थिर रखें और तुरंत नजदीकी चिकित्सालय जाएं। झाड़फूंक या घाव को चीरने-काटने का प्रयास बिल्कुल न करें, यह जानलेवा हो सकता है। समय पर उपचार ही एकमात्र उपाय है।