Ujjain News : महिला अधूरी नाली के खुले सरियों पर गिरी, पेट में 15 सेमी तक घुसी लोहे की रॉड। जन आशंकाओं को गंभीरता से नहीं लेने से हुआ दर्दनाक हादसा। अधिकारियों के निर्देश के बाद भी निर्माण स्थल पर सुरक्षा इंतजाम नहीं। महापौर ने महिला को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया।
Ujjain News : मध्य प्रदेश के उज्जैन में निर्माण स्थलों पर सुरक्षा इंतजामों की कमी के चलते सोमवार को बड़ा हादसा हो गया। एक बुजुर्ग महिला निर्माणाधीन नाली के खुले सरियों पर गिर गई। इससे एक सरिया महिला के पेट में 15 सेंटीमीटर से अधिक अंदर घुसता हुआ लंग्स के नजदीक तक पहुंच गया। चिकित्सकों ने शरीर से सरिया निकाल लिया है, लेकिन स्थिति फिलहाल गंभीर बनी हुई है। यह हादसा उन परिस्थितियों में हुआ है जब महीनों से सामान्यजन खुले सरियों के कारण जानलेवा दुर्घटना होने की आशंका जताते आ रहे हैं लेकिन जिम्मेदार विशेषज्ञों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया है।
सिंहस्थ अंतर्गत नगर निगम फ्रीगंज सांदीपनि चौराहा से उदयन मार्ग तक सडक़ चौड़ीकरण कर रहा है। ठेका अमित जिंदल को दिया है। देसाई नगर क्षेत्र में नाली निर्माण के दौरान घरों के बाहर लोहे के सरिये खुले छोड़ दिए हैं। दोपहर करीब 1 बजे मक्सी रोड निवासी प्रेमलता हारिया देसाई नगर निवासी शुक्ला परिवार के घर में काम करने जा रही थीं। इसी बीच उनका संतुलन बिगड़ा और वे खुले सरियों पर गिर गई। महिला की चीख से क्षेत्र गुंज गया। आसपास मौजूद लोग तत्काल उन्हें बचाने पहुंचे। कुछ ने महिला को सहारा दिया ताकि सरिया और अंदर न घुसे। इसके बाद कटर से सरिया काट महिला को नाली से बाहर निकाला गया।
घर में जाने के लिए नाली से करीब तीन फीट ऊपर सीढि़यां हैं।सीढ़ी से सडक़ तक पटिया लगा था जिसके सहारे घर में आना-जाना किया जाता था। सोमवार को यहां सरिये कसने के लिए पटिया नीचे रख दिया था। बताया जा रहा है कि इसके बाद सीढ़ी चढऩे के लिए पहले पटिया और फिर मशक्कत कर सिढ़ी पर चढऩा पड़ रहा था। इसी दौरान संतुलन बिगडऩे से महिला नाली में खुले सरियों पर गिर गई।
घटना के दौरान महापौर मुकेश टटवाल सेठी नगर से एक कार्यक्रम से लौट रहे थे। उन्होंने भीड़ देख वाहन रुकवाया और घटना की जानकारी ली। इसके बाद ई-रिक्शा के माध्यम से घायल महिला को फ्रीगंज एसएस हॉस्पिटल पहुंचाकर उपचार शुरू करवाया। अस्पताल में निगम पीडब्ल्यूडी समिति प्रभारी शिवेंद्र तिवारी व अपर कमिश्नर पवनसिंह भी पहुंचे। सभी ने बेहतर उपचार करवाने का कहा।
सरिया घुसने के कारण महिला सीधा भी नहीं लेट पा रही थीं। परीक्षण करने के बाद डॉ. मयंक गुप्ता व टीम ने सावधानी से सरिया निकाला और फिर सर्जरी की। इसके बाद सोनोग्राफी कर पता लगाया कि सरीये से शरीर के अंदर कितनी क्षति हुई है। डॉ. एसएस गुप्ता ने बताया सरिया महिला का स्टमक फाड़ते हुए घुसा था और इससे डायफाम में भी छेद हुआ है। लंग्स के पास की छिल्ली में भी खून जमा है। रात करीब ९ बजे बाद दोबारा महिला की बड़ी सर्जरी शुरू करना पड़ी। अभी स्थिति गंभीर है।
मामले को लेकर उज्जैन महापौर मुकेश टटवाल का कहना है कि, दुर्घटना में घायल महिला का अच्छे से अच्छा उपचार करवाने का कहा है। जिन लोगों की लापरवाही से हादसा हुआ है, अधिकारियों को उनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।