
Yugpurush Parmanand Giri Maharaj Controversial Statement: संत समाज की मर्यादा लांघने वाले युगपुरुष परमानंद गिरि महाराज को अब संतों की तीखी प्रतिक्रिया झेलनी पड़ रही है। हरिद्वार में धार्मिक कार्यक्रम के मंच से परमानंद गिरि ने महंतों की तुलना ‘श्वान’ से कर दी। इस विवादित बयान के बाद साधु-संतों में जबरदस्त आक्रोश है।
अखाड़ा परिषद अध्यक्ष रवींद्रपुरी महाराज ने साफ कहा कि इतनी उम्र के बाद इस तरह की भाषा किसी संत को शोभा नहीं देती। यह न सिर्फ अखाड़ा परंपरा का अपमान है, बल्कि सनातन संस्कृति की गरिमा को भी ठेस पहुंचाने वाला है। परमानंद गिरि को अखाड़ा परिषद से बाहर करने का प्रस्ताव लाया जाएगा। इसके साथ ही राम मंदिर ट्रस्ट से भी हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
पंचदशनाम आह्वान अखाड़ा के महामंत्री महान सत्यगिरि महाराज ने कहा, मैंने युगपुरुष परमानंद गिरि का वीडियो देखा है, जिसमें उन्होंने महंतों को श्वान कहा। यह पूरी संत परंपरा का अपमान है। ऐसे व्यक्ति को तत्काल निष्कासित किया जाए। उनकी संस्थाओं, मंदिरों के सामने प्रदर्शन कर पुतले जलाए जाएंगे।
बयान को लेकर कई वरिष्ठ संतों ने सार्वजनिक माफी की मांग की है। इस विषय पर संत समाज की आपात बैठक भी जल्द बुलाई जाएगी, जिसमें भविष्य की कार्रवाई तय की जाएगी।
संतों की तुलना श्वान से करने पर संत समाज की प्रतिष्ठा पर चोट मानी जा रही है। मामला सिर्फ शब्दों का नहीं, सनातन संस्कृति की गरिमा का है। राम मंदिर जैसे राष्ट्रीय महत्व के ट्रस्ट से निष्कासन की मांग इस विवाद की गंभीरता को दर्शाती है।
उज्जैन. इधर, अखिल भारतीय पुजारी महासंघ की नगर कार्यकारिणी ने जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने और धमकाने के आरोप में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर जयराज चौबे और उनकी पत्नी सारिका गुरु के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। महासंघ के नगर अध्यक्ष मंगल पुजारी ने बताया कि 24 मई को उन्हें मोबाइल नंबर 08989711251 से कॉल कर जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया गया। कॉल करने वाले ने कहा - तुम माली हो, अध्यक्ष कैसे बन गए? ब्राह्मण पुजारी क्या मर गए?’’ साथ ही सरकारी मंदिर में पुजारी बनने पर भी सवाल उठाया गया। इतना ही नहीं, चौबीस खंभा और भूखी माता मंदिर के दलित पुजारियों को हटाने की धमकी भी दी गई।
फोन नंबर की जानकारी निकाले जाने पर पता चला कि यह नंबर जयराज चौबे का है, जो अपनी पत्नी सारिका गुरु के साथ नगर के मंदिरों में जाकर पुजारियों को धमकाते हैं और उन्हें हटाने की धमकी देते हैं। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि उक्त दोनों व्यक्ति ’’मंदिर माफिया’’ के रूप में पहचाने जाते हैं और पुजारियों में भय का वातावरण बना रहे हैं।
महासंघ ने मांग की है कि दोषियों पर सख्त कानूनी कार्यवाही की जाए ताकि पुजारी वर्ग भयमुक्त वातावरण में भगवान की सेवा कर सके। ज्ञापन सौंपने वालों में राकेश जोशी, ऋषभ त्रिवेदी, विकास पुजारी, विशाल पुजारी, अमृतेश त्रिवेदी, राम शर्मा, किशन पांडे, आशीष ठक्कर और रूपेश मेहता शामिल थे।