
किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर सोमवार को मानपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा धरना प्रदर्शन उस समय और गरमा गया, जब धरना स्थल पर ज्ञापन लेने के लिए एसडीएम नहीं पहुंचीं। इससे नाराज सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर एसडीएम कार्यालय का रुख किया और वहां पहुंचकर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मानपुर के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में किसानों की समस्याओं को लेकर महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपने की तैयारी की गई थी। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि धरना स्थल पर प्रशासन का कोई जिम्मेदार अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं पहुंचा, जिससे कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ गई। इसके बाद कांग्रेस नेता कमलेश्वर पटेल और फुन्देलाल मार्को की अगुवाई में कार्यकर्ता जुलूस के रूप में एसडीएम कार्यालय पहुंचे।
कार्यालय पहुंचने पर भी स्थिति सामान्य नहीं हो सकी। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि एसडीएम को ज्ञापन सौंपने का प्रयास किया गया, लेकिन ज्ञापन लेने से मना कर दिया गया। इसके विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता कार्यालय परिसर में ही धरने पर बैठ गए और प्रशासनिक व्यवस्था के खिलाफ आवाज बुलंद की।
धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। ज्ञापन में डीजल-पेट्रोल की बढ़ी हुई कीमतें वापस लेने, किसानों को पर्याप्त मात्रा में डीजल उपलब्ध कराने, खाद और बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा टोकन व्यवस्था समाप्त करने की मांग की गई। इसके अलावा सभी किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ देने, ग्रामीण क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने और घरेलू बिजली बिलों में 50 प्रतिशत छूट प्रदान करने की मांग भी शामिल रही। कांग्रेस ने समर्थन मूल्य पर फसलों की बिक्री प्रक्रिया को सरल बनाने, किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने, कृषि यंत्रों पर अधिक सब्सिडी देने और जीएसटी समाप्त करने की भी मांग उठाई। वहीं वन्यजीवों के हमलों में मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपए की सहायता राशि, घायलों को 15 लाख रुपए का मुआवजा तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल की गई।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं कहना था कि स्थानीय प्रशासन द्वारा न तो लोगों की समस्याओं का निराकरण किया जाता है और न ही उनकी बात सुनी जाती है। प्रशासन की इस अनदेखी के कारण किसान और आमजन दोनों परेशान हैं, लेकिन भाजपा शासनकाल में किसी भी बात नहीं सुनी जा रही है। जिसके कारण लोगों में असंतोष व्याप्त हो रहा है। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि अगर शासन और प्रशासन द्वारा इसी तरह आमजन और किसानों की अनदेखी की जाती रहेगी तो वह उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इसलिए प्रशासन को चाहिए कि किसानों और आमजन की बात सुने और उनकी समस्याओं का निराकरण समय पर किया जाए।
धरना स्थल पर मौजूद कांग्रेस नेता कमलेश्वर पटेल ने कहा कि यदि स्थानीय प्रशासन किसानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लेता है तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अब यह ज्ञापन कलेक्टर उमरिया को सौंपा जाएगा ताकि किसानों की मांगें शासन तक पहुंच सकें। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और किसान मौजूद रहे। पूरे घटनाक्रम को लेकर मानपुर में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।