पक्की सडक़ नहीं
उमरिया. नगर की सबसे बड़ी बस्ती विकट गंज आज भी उपेक्षा की शिकार है। लगभग एक हजार घरों की इस बस्ती में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। सडक़, बिजली, पानी की समस्याएं यहां बरकार हैं। रेलवे स्टेशन से विकटगंज की ओर जाने वाला मार्ग आज भी बदहाली का शिकार है। इस मार्ग की ओर न तो रेल प्रशासन और न नगरपालिका ही ध्यान दे रही है। करीब 6 सौ मीटर लंबा रास्ता आज भी कच्चा है जहां जगह जगह गड्ढे हैं। उनमें बरसात का पानी भरा रहता है।
कीचड़ पानी में आने जाने पर लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। बताया गया कि सडक़ निर्माण के लिए रेल प्रशासन तथा नगरपालिका दोनो का ध्यान आकृष्ट कराया गया लेकिन कहीं भी ध्यान नहंी दिया गया। आज भी यहां बदहाली बरकरार है। इसके अलावा इस मार्ग पर स्ट्रीट लाइट की भी कमी है। यहां कहीं भी प्रकाश की व्यवस्था नहीं है। रात के समय अंधकार के कारण लोगों को आने जाने में लोग गिरते पड़ते चलते हैं। कई बार लोग गिर कर चोटिल हो जाते हैं।
कुछ वर्षों पूर्व यहां नगरपालिका ने विकट गंज में सडक़ जीर्णेाद्धार हेतु मिट्टी मुरुम डालकर जीर्णोद्धार कराने का निर्णय लिया था। लेकिन आज तक यहां मिट्टी मुरुम की न तो भराई की गई और न सडक़ का समतलीकरण हुआ है। स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है। बताया गया कि स्टेशन से बस्ती की ओर जाने का यही एक मार्ग है और बस्ती से लोग रात को भी ट्रेन पकडऩे के लिए इसी मार्ग से आते हैं। अंधकार और कीचड़ पानी के कारण उन्हे असुविधाओं का सामना करना
पड़ता है।
इनका कहना है
सडक़ निर्माण हेतु रेलवे से चर्चा कर कार्य कराया जाएगा। प्रकाश व्यवस्था के लिए प्रयास किए जाएंगे।
हेमेश्वरी पटले, सीएमओ नपा उमरिया
खेल मैदान में पानी, बच्चों को हो रही परेशानी
करीब 25 हजार की आबादी वाले बिरसिंहपुर पाली नगर में करीब 20 की संख्या में प्राथमिक और माध्यमिक शालाएं हैं। लेकिन खेल मैदान दो-चार स्कूलों को छोडक़र शेष कहीं नहीं है। खेल के लिए केवल एक बड़ा मैदान बीईओ आफिस के समीप है जहां प्राथमिक, माध्यमिक शालाओं के साथ प्रीमैट्रिक बालिका व प्रीमैट्रिक बालक छात्रावास है सारी संस्थाएं एक ही परिसर में संचालित हैं। करीब 6 सौ बच्चों के लिए यह मैदान उपलब्ध है। मैदानों की कमी के कारण नगर में होने वाली शालेय खण्ड स्तरीय खेल स्पर्धाएं व जिला स्तरीय स्पर्धाएं भी यहीं होती हैं। लेकिन यह मैदान वर्षों से उपेक्षित है और मरम्मत की बाट जोह रहा है। ट्रायबल विभाग की स्कूलों और हास्टलों का इस मैदान में कभी कर्मचारी भेजकर सफाई तक नही कराई जाती है। स्थिति यह है कि यहां पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से यहां पानी का भराव होता है। बरसात में इस मैदान में कीचड़ पानी भरा हुआ है। बच्चे खेलकूद से वंचित हैं। किनारें में बरसाती घास फूस उगी है। जहां विषैले जीव जंतु छिपे रहते हैं। बताया गया कि स्पर्धाओं के समय भी मैदान की पर्याप्त मरम्मत नहीं कराई जाती है। जिससे खिलाड़ी ठीक से दौड़ भी नहीं पाते हैं। बच्चों को खेलकूद का एक पीरियड ही दिया जाता है लेकिन स्कूलों में न तो खेल सामग्रिया हैं न खेल शिक्षक और मैदान हैं। इसलिए बच्चे कोई खेल जैसे कबड्डी खो-खो, रेस आदि नही खेल पाते हैं।
इनका कहना है
मैदान के रखरखाव के संबंध में नगर पालिका सीएमओ से चर्चा की गई है। उन्होने मैदान का समतलीकरण कराने तथा पानी निकासी की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया है।
एआर सिंहा, सहायक आयुक्त ट्राइबल