स्टेडियम में नहीं हो रही सफाई
उमरिया. रेल कर्मचारियों एवं उनके परिजनों के स्वस्थ मनोरंजन के लिए वर्षों पहले निर्मित हुआ रेलवे बाल उद्यान व स्टेडियम अब समुचित रखरखाव बिना उपेक्षित पड़े हुए हैं। कुछ वर्षों पूर्व तक यहां रेलवे ही नहीं शहर के भी खिलाड़ी आकर खेलों का अभ्यास करते थे, लेकिन अब यह सुविधा नहीं मिलती है। बताया गया कि यहां रखरखाव के लिए कर्मचारी तैनात हैं और बजट भी आवंटित होता है लेकिन फिर भी सुविधा नहीं मिल पा रही है। पार्क खुलने का समय भी सुबह 4 बजे से 6 बजे तक तथा शाम 4 से 6 लेख किया गया है। लेकिन पार्क में अक्सर ताला बंद मिलता है। चिल्ड्रेन पार्क में करीब दो वर्ष पूर्व पेड़ों की कटाई कराई गई थी। यहां अभी तक कटे हुए पेड़ पड़े हैं। पार्क में पत्ते, झुरमुट और घास फूस की भरमार है। यहां एक अर्से से सफाई अभियान नहीं चलाया गया। जबकि रेलवे के इस पार्क में बच्चों के लिए झूले, फिसल पट्टियां व खेलकूद के अन्य उपकरण लगाए गए थे। उनमें से कुछ तो अभी तक
सलामत हैं और कुछ
रखरखाव बिना क्षतिग्रस्त हो गए हैं। पार्क की व्यवस्था होने के बावजूद यहां बच्चे खेलकूद सुविधा से वंचित हैं।
स्टेडियम मेें गड्ढों की भरमार
स्टेडियम का निर्माण खिलाडिय़ों की खेल प्रतिभा को बढ़ावा देने और खेल कूद सुविधा उपलब्ध कराने के लिए रेलवे द्वारा कराया गया था। आज इस स्टेडियम की हालत यह है कि यहां समतलीकरण कराने की भी फुर्सत किसी के पास नहीं है। स्टेडियम में जगह जगह गड्ढे निर्मित हो गए हैं। जिसके कारण खिलाडिय़ों को असुविधा होती है। स्टेडियम की दीवारें भी क्षतिग्रस्त हो रहीं हैं। चारो ओर घास फूस की भरमार है।
क्या कहते हैं खिलाड़ी
फुटबाल खिलाड़ी गोपाल तिवारी, अभिषेक तिवारी, ओम तिवारी, गन्नू यादव आदि खिलाडिय़ों का कहना है कि यदि स्टेडियम फुटबाल के लिए बहुत ही अच्छा मैदान है। लेकिन समतलीकरण और सफाई बिना खेल नहीं हो पा रहे हैं। यदि मैदान मिले तो स्तरीय फुटबाल स्पर्धाएं भी आयोजित कराई जा सकतीं हैं। स्पर्धाओं के लिए यहां मैदान नहीं मिलता है।्र
इनका कहना है
पार्क और स्टेडियम की व्यवस्थाओं में सुधार कराने के प्रयास किए जाएंगे। इस संबंध में बिलासपुर रेल मण्डल के अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया जाएगा।
अंबिकेश साहू, पीआरओ, बिलासपुर रेल मण्डल