- भूसे के ढेर में आराम करता दिखा बाघ- बाघ देखकर भरी ठंड में ग्रामीणों के छूटे पसीने- बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से सटे गांव में दिखा बाघ- ग्रामीणों ने टाइगर रिजर्व टीम को दी सूचना
टाइगर स्टेट की उपाधि प्राप्त मध्य प्रदेश में बाघों की चहलकदमी के मामले लगातार सामने आते रहते हैं। यहां बाधों का रिहायशी इलाकों में घुस आना मानों आम सी बात है। लेकिन कई बार रिहायशी क्षेत्रों में बाघ की सक्रीयता लोगों के लिए दहशत का सबब बन जाती है। ऐसा ही कुछ हुआ सूबे के उमरिया जिले में, जब बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से सटे करौंदिया गांव में एक विशाल बाघ घुस आया।
पनपथा बफर जोन के अंतर्गत आने वाले करौंदिया गांव के लोग उस समय दहशत में आ गए, जब उन्होंने अपने खेतों में पड़े भूसे के ढेर में एक बाघ आराम फरमाता हुआ नजर आया। जिस किसी ने भी रिहायशी क्षेत्र के इतने नजदीक बाघ की मौजूदगी देखी वो दहशत में आ गया। बाघ को अपने से इतने नजदीक देखकर ग्रामीणों को भरी ठंड के बीच पसीने छूट गए। हालांकि घटना के बाद ग्रामीणों ने बाघ की सक्रीयता की जानकारी बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की रेस्क्यू टीम को दी। फिलाहल हाथी दल लेकर मौके पर पहुंची टीम ने बाघ का रेस्क्यू शुरु कर दिया है।
टाइगर रिजर्व टीम ने शुरु किया रेस्क्यू, वीडियो...
दरअसल, प्रदेश में ठंड ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। इसी बीच बांधवगढ़ टाईगर रिजर्व के पनपथा बफर जोन के गांव करौंदिया में एक बाघ भूसे के ढेर में आराम फरमाता हुआ नजर आया। वहीं गांव वालों का का कहना है कि अधिक ठंड पड़ने के कारण ही बाघ संभवत भूसे में आकर बैठ गया होगा या ये भी अनुमान है कि किसी पालतू जानवर के शिकार के लिए वो गांव में आया हो।
दो दिनों से यहां सक्रीय है बाघ !
वहीं कुछ लोगों का ये भी कहना है कि बीते 2 दिनों से गांव में बाघ की मूवमेंट देखी जा रही है। जिसे लेकर वन विभाग हाथियों की मदद से बाघ को रेस्क्यू कर फॉरेस्ट की तरफ लौटाने के प्रयास में जुटा हुआ है।