
Unnao Sadar MLA Letter: उन्नाव के सदर विधायक पंकज गुप्ता ने जिला पंचायत कार्यालय के लिपिक के खिलाफ शिकायत करने का खंडन किया है। उन्होंने पत्र जारी करते हुए लिखा है कि इस प्रकार की कोई शिकायत उनकी तरफ से नहीं की गई है और ना ही उनकी जानकारी में है। उन्होंने विशेष सचिव पंचायती राज अनुभाग को पत्र लिखकर बताया है कि 3 जुलाई 2026 के शिकायती पत्र को 'शून्य' मानते हुए निस्तारित करने का कष्ट करें। दरअसल बीते दिनों सदर विधायक पंकज गुप्ता का एक पत्र सोशल मीडिया पर आया था जो लोकायुक्त से शिकायत से जुड़ा था। राजस्थान पत्रिका वायरल पत्र की पुष्टि नहीं करता है।
उत्तर प्रदेश के उन्नाव के बीजेपी सदर विधायक पंकज गुप्ता ने विशेष सचिव पंचायती राज विभाग को पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने बताया है कि 3 जुलाई 2026 का एक पत्र उनकी संज्ञान में आया है। जिसमें जिला पंचायत में लिपिक मनोज कुमार पाल के खिलाफ शिकायत की गई थी।
सदर विधायक ने अपने पत्र में बताया कि मनोज कुमार पाल के खिलाफ की गई शिकायत उनकी जानकारी में नहीं है और झूठ है। उन्होंने विशेष सचिव से 3 जुलाई को की गई शिकायत को 'शून्य' मानते हुए निस्तारित करने को कहा है। सदर विधायक पंकज गुप्ता प्रदेश के स्थानीय नेताओं के लेखा परीक्षा प्रतिवेदन की जांच समिति के सभापति भी है।
बीते दिनों सदर विधायक पंकज गुप्ता के लेटर पैड और हस्ताक्षर युक्त एक पत्र वायरल हुआ था। जिसमें लोकायुक्त से शिकायत की गई थी। शिकायत में जिला पंचायत कार्यालय में तैनात मनोज कुमार पाल पर गंभीर आरोप लगाया गया था। वायरल पत्र के अनुसार मनोज कुमार पाल मुख्यालय पर निवास नहीं करते हैं बल्कि लखनऊ से आना जाना कर रहे हैं। जिसका प्रमाण नवाबगंज टोल प्लाजा में लगे सीसीटीवी फुटेज से मिल सकता है। गूगल लोकेशन की जांच की भी मांग की गई थी।
वायरल पत्र में ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले निर्माण कार्य के नक्शे को लेकर के भी आरोप लगाया गया था। बताया गया था कि नक्शा निर्माण में घोर अनियमिताएं बरती जा रही है। रिश्वत लेकर बिना नक्शा पास किया निर्माण कार्य को बढ़ावा दिया जा रहा है। लोकायुक्त से जांच कर कार्रवाई करने की मांग की गई थी।जो पत्र वायरल हुआ था वह मुख्यमंत्री कार्यालय से पंचायती राज विभाग को कार्रवाई के लिए भेजा गया था।