
The court sentenced him to life imprisonment: उन्नाव में करीब 4 साल पहले एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मृतक की पत्नी ने थाने में तहरीर देकर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। 4 महीने बाद पुलिस ने विवेचना करते हुए आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। ऑपरेशन कनविक्शन के अंतर्गत मामले की गुणवत्ता पूर्ण पैरवी की गई। अदालत ने आरोपी पर दोष सिद्ध किया। जिसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
उत्तर प्रदेश के उन्नाव में 11 मई 2021 को आसीवन थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई। थाना क्षेत्र की रहने वाली महिला ने थाना में तहरीर देकर बताया था कि शिव मोहन पुत्र रामकुमार निवासी सिद्धनाथ थाना आसीवन ने उनके पति की कुल्हाड़ी से मारकर हत्या कर दी। शिव मोहन ने पति के सर पर हमला किया था।
पत्नी की तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 और 201 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया था। 11 मई 2021 को शिवमोहन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने आलाकत्ल बरामद कर लिया। 25 सितंबर 2021 को पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया।
एडीजे 3 की अदालत में मामले की सुनवाई हुई। ऑपरेशन कनविक्शन के अंतर्गत दोनों पक्षों को सुना गया। अभियोजन और मॉनिटरिंग सेल की प्रभावी पैरवी के बाद 4 साल के अंदर ही अदालत में फैसला सुनाया। जिसमें शिवमोहन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही 30 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। एडीजीसी क्रिमिनल विनय शंकर दीक्षित, विवेचक तत्कालीन थाना प्रभारी अनुराग सिंह, पैरोकार कांस्टेबल विजय और कोर्ट मोहिर्रर महिला कांस्टेबल रीना गुप्ता ने ऑपरेशन कनविक्शन के अंतर्गत पैरवी की।