
Ganga Water Level Near Warning Point: उन्नाव में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु के नजदीक पहुंच गया है। इसका मुख्य कारण पिछले दिनों हुई बारिश और हरिद्वार और नरौरा बांध से छोड़ा गया जल है। जिसके कारण गंगा से सटे कटरी इलाकों में पानी घुस गया है। इसके साथ ही प्रशासन ने बाढ़ चौकी को सक्रिय कर दिया है। उप जिलाधिकारी ने तैयारियों का निरीक्षण किया। नाव, राहत सामग्री सहित अन्य जरूरतों के विषय में जानकारी प्राप्त की। बाढ़ कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार, उन्नाव में गंगा का जलस्तर 112. 020 मीटर रिकॉर्ड किया गया है जबकि चेतावनी बिंदु 113 मीटर और खतरे का निशान 114 मीटर है।
उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित बाढ़ कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार हरिद्वार बैराज से 1,07,550 क्यूसेक पानी छोड़ गया है जबकि नरौरा बैराज से 1,11,969 क्यूसेक पानी छोड़ गया है। इसका असर एक-दो दिन में दिखाई पड़ेगा। इधर पिछले दिनों हुई लगातार बारिश से भी गंगा का जलस्तर बढ़ गया है। बाढ़ नियंत्रण केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार शुक्लागंज उन्नाव में गंगा का जलस्तर 112.020 मी पहुंच गया है।
गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण कटरी क्षेत्र में रहने वाले लोगों की नींद उड़ गई है। परियर के टपरा, महानंदपुरवा, देवीपुरवा, बंधनपुरवा, बाबू बंगला, बेनीपुरवा, पनपथा, कोलवा, अतरी, लालटू पुरवा आदि गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई है। जानवरों को भी दिक्कत हो रही है। खेती भी डूब गई है, खड़ी फसलों को नुकसान हुआ है। इन क्षेत्रों में सब्जी मुख्य रूप से पैदा की जाती है।
जिला प्रशासन ने बाढ़ नियंत्रण को सक्रिय कर दिया है। बाढ़ चौकी भी स्थापित की गई है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों को अलर्ट किया गया है। प्रभावित लोगों से राहत शिविर में आने की सलाह दी गई है। उप जिलाधिकारी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लिए तैयारियां पूरी हो गई है। बाढ़ चौकी के साथ राहत शिविर भी संचालित है। जानकी कुंड आश्रम परियर में राहत शिविर बनाया गया है। लोगों से राहत शिविर में आने की अपील की गई है। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नाव भी लगाई गई है।