उन्नाव

रेप के आरोपी BJP MLA के गांव से GROUND REPORT, विधायक को दुष्कर्मी नहीं मानते ग्रामीण, बताई बड़ी वजह

मारपीट की घटना में रजामंदी जाहिर करने वाले ग्रामीण विधायक पर लगे दुष्कर्म के आरोपों को एक सिरे से खारिज कर रहे हैं...

2 min read
Apr 14, 2018
Unnao Makhi

उन्नाव. मारपीट की घटना में रजामंदी जाहिर करने वाले ग्रामीण विधायक पर लगे दुष्कर्म के आरोपों को एक सिरे से खारिज कर रहे हैं। उनका कहना है कि अपने राजनीतिक करियर के सुनहरे पन्ने को कोई इस तरह कलंकित नहीं करेगा। फिर जिनकी दो सयानी सयानी बेटियां हों। जिला पंचायत अध्यक्ष संगीता सिंह सेंगर द्वारा बार-बार नारको टेस्ट कराए जाने के संबंध में दिए जा रहे बयान भी उनकी सच्चाई का प्रमाण हैं। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि विधायक और दुष्कर्म पीड़िता दोनों का नारको टेस्ट हो जाए तो दूध का दूध पानी का पानी हो जाए। वहीं कुछ लोगों का मत है कि किसी भी जांच के पहले विधायक की गिरफ्तारी गलत है। क्यों नहीं सबसे पहले नारको टेस्ट कराया गया? जिससे दुष्कर्म पीड़िता की बातों की सच्चाई भी सामने आ जाती। फिलहाल ग्राउंड जीरो की बात की जाए तो माखी गांव में विधायक के संपर्क वाले गम में और उनकी सकुशल वापसी के लिए तमाम पूजा पाठ कर रहे हैं और मुस्लिम समर्थक मस्जिदों में नमाज अता कर रहे हैं।

पत्रिका टीम आज एक बार फिर उन्नाव दुष्कर्म मामले की पड़ताल करने माखी थाना क्षेत्र के गांव माखी गांव पहुंची। ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के विरोधी भी इस बात से इनकार करते हैं कि विधायक दुष्कर्म में शामिल हो सकते हैं। उनका कहना था कि विधायक लोगों की हर समय मदद के लिए तैयार रहते थे। विधायक के चरित्र पर इस तरह से उंगली उठाना उनके राजनीतिक करियर को बर्बाद करने के समान है।

ग्रामीणों ने औरैया की घटना का किया जिक्र
बातचीत करने पर सलिल सिंह ने बताया कि विगत वर्ष जून में दुष्कर्म पीड़िता को औरैया से पुलिस ने बरामद किया था, जिसमें तीन आरोपियों की गिरफ्तारी भी हुई थी। उन्होंने बताया कि उनके साथ मोहल्ले का शुभम एक लड़का था। वह भी गिरफ्तार किया गया था। क्योंकि उसका मोबाइल इस मामले में यूज किया गया था। दुष्कर्म पीड़िता को औरैया में जहां ले जा कर रखा गया था। वहां से भी एक युवक को गिरफ्तार किया गया था। इसके साथ ही नरेश तिवारी को भी पुलिस गिरफ्तार करती है। तीनों को जेल भेज देती है। वहीं पीड़िता को उसके परिजनों के हवाले कर देती है। जहां दुष्कर्म पीड़िता के परिजनों ने अगली रणनीति बनाई, जिसमें शुभम के साथ दुष्कर्म पीड़िता की शादी कराने की बात सामने आई।

बताई खुन्नस की वजह
ग्रामीणों ने बताया कि इस मामले में गांव में बड़े-बुजुर्गों की चौपाल बुलाई गई थी, जिसमें शादी के लिए शुभम पर दबाव बनाने की बात की गई। परंतु शुभम के मां-बाप ने दुष्कर्म पीड़िता से शादी से इनकार कर दिया। इसके बाद 164 के बयान में दुष्कर्म पीड़िता ने शुभम की मां और बहन का भी नाम मामले में जोड़ दिया। विवेचना के दौरान उपरोक्त दोनों के नाम निकाल दिए गए। जिससे पीड़ित परिवार ने समझा कि विधायक जी ने इन लोगों की मदद की है। इस बात का खुन्नस दुष्कर्म पीड़िता के परिवार माने बैठा है।

Updated on:
14 Apr 2018 06:43 pm
Published on:
14 Apr 2018 06:40 pm