
Unnao MP Sakshi Maharaj:उन्नाव में साक्षी महाराज में कहा कि मुख्यमंत्री का फैसला किसी एक व्यक्ति के हाथ में नहीं होता है। लोकतांत्रिक तरीके से मुख्यमंत्री का फैसला होता है। निर्वाचित विधायक मुख्यमंत्री का फैसला करते हैं। पार्टी के विधायक और नेतृत्व की सहमति हुई तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ होंगे। साक्षी महाराज अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने लोगों की समस्याओं को सुना और उनका समाधान भी किया। ब्रिक्स सम्मिट की सफलता पर भी उन्होंने बयान दिया।
उत्तर प्रदेश के उन्नाव में साक्षी महाराज ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी चुनाव के लिए हमेशा तैयार रहती है। 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी का लक्ष्य 300 से अधिक सीटें जीतना है। असदुद्दीन ओवैसी, अखिलेश यादव, मायावती, प्रियंका गांधी, राहुल गांधी या कोई और नेता हो, बीजेपी परिष्कार कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।
साक्षी महाराज ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी शुरू कर दी है। केंद्रीय नेतृत्व विधानसभा चुनाव के लिए तैयार है। अमित शाह, प्रदेश अध्यक्ष का नाम लेते हुए साक्षी महाराज ने कहा कि संगठन स्तर पर चुनाव को लेकर जिम्मेदारियां दी जा रही है। पार्टी नेतृत्व से मिली जिम्मेदारियां को निभाया जाएगा।
विनोद साहनी हत्या पर साक्षी महाराज ने कहा कि वह दलित समाज से नहीं हमारे समाज से था। प्रशासन में तीनों हत्या आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यहां जाति देखकर निर्णय नहीं लिए जाते हैं। ब्रिक्स सम्मिट में मांसाहारी भोजन ना परोसे जाने पर विपक्ष सवाल उठा रहा है। पूछे गए सवाल पर साक्षी महाराज ने कहा कि मोदी है तो मुमकिन है। भारत में उन्हें शाकाहारी भोजन का स्वाद मिला। विरोध करने वालों को गधा घोड़े खान की आदत पड़ गई है तो खाएं।
साक्षी महाराज ने कहा कि ईरान के राष्ट्रपति ने कानपुर के धर्माचार्य के चरण को स्पर्श करके प्रणाम किया। जो सनातन को लेकर बड़ा संदेश दिया। ब्रिक्स सम्मेलन में बहुत बड़ा काम हुआ है। जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती थी।
अखिलेश यादव पर बोलते हुए साक्षी महाराज ने कहा कि उन्हें अपने शासन काल की याद आ गई। जहां तुष्टीकरण के अलावा कुछ नहीं था।कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं थी। आज पूरे देश में यूपी मॉडल की बातचीत की जा रही है। यहां कानून का राज है।
ब्रिक्स सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस चीन ईरान आदि के राष्ट्रीय अध्यक्षों को बुलाकर एक ही घाट का पानी पिला दिया। दुश्मन का नाम लिए बिना नानी याद दिला दी। विपक्ष को इस पर राजनीति नहीं करनी चाहिए।