उन्नाव

उन्नाव में भाजपा के एक सांसद, छह विधायक, दो एमएलसी, फिर भी नहीं मिला सरकारी मेडिकल कॉलेज

No Government Medical College in Unnao: लखनऊ कानपुर के बीच उन्नाव में स्वास्थ्य सेवाएं पटरी पर नहीं है। प्रदेश सरकार 'एक जिला एक मेडिकल कॉलेज' की नीति पर कार्य कर रही है लेकिन अभी इसका लाभ जिले को नहीं मिला है।
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उन्नाव जिला अस्पताल, फोटो सोर्स- पत्रिका
उन्नाव जिला अस्पताल, फोटो सोर्स- पत्रिका

No Government Medical College in Unnao: उन्नाव दो महानगर लखनऊ और कानपुर के बीच में होने के बावजूद अच्छी स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित है। ऐसे समय जब प्रदेश सरकार जिले में मेडिकल कॉलेज खोल रही है। इसका भी लाभ जिले को नहीं मिला है। जिला अस्पताल परिसर में आईसीयू, ट्रामा सेंटर, बर्न यूनिट संचालित है लेकिन कई केंद्र रेफर सेंटर के रूप में काम कर रहे हैं। गंभीर मरीजों को कानपुर या फिर लखनऊ रेफर कर दिया जाता है। मेडिकल कॉलेज के संबंध में बातचीत करने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जिले में सरकारी मेडिकल कॉलेज नहीं है। प्राइवेट मेडिकल कॉलेज चल रहा है। प्रदेश की योगी सरकार 'एक जिला एक मेडिकल कॉलेज' की नीति पर कार्य कर रही है लेकिन इसका लाभ अभी उन्नाव को नहीं मिला है।

जिला अस्पताल का इमरजेंसी ब्लॉक, फोटो सोर्स- पत्रिका

भाजपा के निर्वाचित जनप्रतिनिधि उदासीन

उत्तर प्रदेश के उन्नाव में लोकसभा की एक सीट और विधानसभा की 6 सीटें हैं। इन सभी पर भाजपा का कब्जा है। ‌ सांसद साक्षी महाराज लगातार दो बार जिले से लोकसभा का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। जबकि सत्ता पक्ष के सभी छह विधायक लगातार तीसरी बार विधानसभा जाने की तैयारी में लगे हैं। 2 एमएलसी भी अपनी उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक का उन्नाव से विशेष लगाव हुआ है। सांसद साक्षी महाराज भी उन्नाव को लखनऊ कानपुर के बीच सैंडविच बता चुके हैं। इधर पड़ोसी जिले हरदोई और रायबरेली में सरकारी मेडिकल कॉलेज है।

जिला अस्पताल का रैन बसेरा, फोटो सोर्स- पत्रिका

क्या कहते हैं मुख्य चिकित्सा अधिकारी?

मुक्त चिकित्सा अधिकारी डॉ अजय कुमार शर्मा ने बताया कि जिले में मेडिकल कॉलेज नहीं है और ना ही संबंध में कोई प्रस्ताव हुआ है। मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई के साथ मरीज को उपचार ओपीडी की भी सुविधा मिलती है। फिलहाल जिले में प्राइवेट मेडिकल कॉलेज नवाबगंज में संचालित है। उन्होंने बताया कि रायबरेली और हरदोई में भी सरकारी मेडिकल कॉलेज है।

जिले को मेडिकल कॉलेज की आवश्यकता

इस संबंध में बातचीत करने पर डॉक्टर अंशुमान अग्निहोत्री ने कहा कि जिला काफी बड़ा है और यहां मेडिकल कॉलेज की काफी जरूरत है। इससे मरीज के साथ मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों को भी राहत मिलेगी। स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक भी मेडिकल कॉलेज की स्थापना को लेकर प्रतिक्रिया दे चुके हैं। लेकिन अभी जमीनी हकीकत नहीं बन सका। गंभीर मरीजों को या तो प्राइवेट अस्पतालों में जाना पड़ता है या फिर कानपुर या लखनऊ की दौड़ लगानी पड़ती है। भाजपा अनुसूचित मोर्चा प्रदेश कार्य समिति सदस्य अमर रतन चौधरी ने बताया कि जिले में मेडिकल कॉलेज की जरूरत है। इससे मरीज और उनके तीमारदारों की भाग दौड़ काम हो जाएगी।

Updated on:
10 Aug 2026 07:20 pm
Published on:
10 Aug 2026 07:20 pm