उन्नाव

नए साल से वाहन स्वामियों के लिए बड़ा झटका, प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र हुआ महंगा, जानें नई दरें

pollution certificate become expensive उत्तर प्रदेश में 1 जनवरी 2025 से प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र बनवाने के लिए नई दरें निर्धारित की गई है। जिसके अनुसार अब वाहनों को प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अधिक रुपए देने होंगे। इस संबंध में परिवहन आयुक्त ने आदेश जारी किया है। एआरटीओ ने यह जानकारी दी है।
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Dec 28, 2024
प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र बनवाना हुआ महंगा

pollution certificate become expensive 1 जनवरी 2025 से प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र बनवाना महंगा हो गया है। उत्तर प्रदेश ऑनलाइन मोटरयान प्रदूषण जांच केंद्र योजना 2020 के अंतर्गत जारी किए जाने वाले प्रदूषण प्रमाण पत्र की नई दरें निर्धारित की गई है। जिसमें दोपहिया, तीन पहिया, चार पहिया, डीजल वाहन सभी के लिए अलग-अलग निर्धारित किए गए‌ सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी श्वेता वर्मा ने यह जानकारी दी है।‌ उन्होंने बताया कि ऑनलाइन प्रदूषण प्रमाण पत्र जारी करने के शुल्क में प्रतिवर्ष जनवरी माह में 5 प्रतिशत की वृद्धि की जाती है। जो न्यूनतम 5 रूपए है। 1 जनवरी 2025 से नए घरों के अनुसार प्रदूषण प्रमाण पत्र जारी होगा।

उत्तर प्रदेश के उन्नाव के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय से जारी सूची के अनुसार पेट्रोल से चलने वाले दोपहिया वाहनों के लिए प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र का शुल्क 65 रुपए निर्धारित किया गया है। जबकि तीन पहिया (पेट्रोल, एलपीजी और सीएनजी) वाहनों के लिए 85 रुपए, चार पहिया वाहन (पेट्रोल एलपीजी सीएनजी) के लिए 85 निश्चित किया गया है। जबकि डीजल वाहनों के लिए 115 रुपए शुल्क लिया जाएगा।

1 जनवरी 2025 से लागू होंगी नई दरें

सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी ने बताया कि परिवहन आयुक्त के निर्णय के बाद या आदेश लागू किया गया है। यह आदेश उत्तर प्रदेश ऑनलाइन मोटरयान प्रदूषण जांच केंद्र योजना 2020 के नियम 6 के उप नियम दो(2) के प्रावधान के अनुसार बढ़ाया गया है। नई दरें 1 जनवरी 2025 से लागू होगी।

Updated on:
28 Dec 2024 11:36 am
Published on:
28 Dec 2024 11:36 am