उन्नाव

लालच वाली प्रार्थना सभा: हिंदू संगठनों में रोष, 10 नामजद सहित 60 पर मुकदमा, लगे आरोप

Religious conversion उन्नाव में प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। हिंदू संगठनों ने धर्मांतरण का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया। नर सेवा नारायण सेवा ने कहा कि लालच देखकर इकट्ठा किया गया। पुलिस ने 70 के ऊपर मुकदमा दर्ज किया है।

2 min read
Jan 05, 2026
फोटो सोर्स- पत्रिका)

Religious conversion: उन्नाव में धर्म परिवर्तन को लेकर हिंदू संगठनों में आक्रोश है। प्रार्थना सभा की आड़ में गरीब जरूरतमंद लोगों को लालच देकर बुलाया गया। जिसकी जानकारी मिलते ही हिंदू संगठन के कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने विरोध किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने अनुमति पत्र माँगा, लेकिन नहीं दिया गया। नर सेवा नारायण सेवा के संस्थापक विमल द्विवेदी ने कहा कि पैसे का लालच देकर लोगों को बुलाया जाता है। धीरे-धीरे सोची-समझी साजिश रचकर धर्म परिवर्तन कर दिया जाता है। ईसाई मिशनरी को विदेश से फंडिंग मिल रही है। उन्होंने पुलिस पर भी कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। इधर थाना पुलिस ने इस मामले में 10 नामजद सहित करीब 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

ये भी पढ़ें

Unnao rape case: कुलदीप सिंह सेंगर की बेटी का एक्स पर पत्र, लिखा- …हमारी कीमत लगा रहें, चुप्पी की कीमत चुकानी पड़ी

बिना अनुमति प्रार्थना सभा

उत्तर प्रदेश के उन्नाव में मुख्यालय से लगभग 12 किलोमीटर दूर तारगांव के मजरा घटोरी में धर्म परिवर्तन की खबर सुनते ही बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और उन्होंने हंगामा करना शुरू कर दिया। इस मौके पर स्थानीय ग्रामीण भी पहुंच गए।‌ कार्यक्रम स्थल पर हनुमान चालीसा पढ़ना शुरू कर दिया। दोनों तरफ से आवाज आने लगी।

अधिकारियों को अंदर नहीं जाने दिया गया

सूचना पाकर मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार यशवंत सिंह और दही थाना पुलिस ने अंदर घुसने का प्रयास किया। मगर प्रार्थना सभा में आई महिलाओं ने गेट पर खड़े होकर इसका विरोध किया और किसी को अंदर आने नहीं दिया। काफी देर बाद गांव का ही रहने वाला आयोजक बाहर निकला। नायब तहसीलदार ने कार्यक्रम के संबंध में अनुमति मांगी। आयोजक अनुमति पत्र नहीं दिखा पाए। इसके बाद दही थाना पुलिस ने 10 नामजद सहित करीब 60 लोगों के खिलाफ निषेधाज्ञा के उल्लंघन का मामला दर्ज किया है।‌

इनके खिलाफ दर्ज किया गया मुकदमा

दही थानाध्यक्ष ने बताया कि 10 नामजद और 50-60 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।‌ जिनमें नीरज पुत्र श्यामलाल, सुमन पत्नी श्यामलाल, कविता पत्नी नीरज, धीरज पुत्र श्यामलाल, संगीता पत्नी बेचेलाल (पुत्री श्यामलाल), गंगाराम और रंजीत पुत्रगण मक्का, आरती पुत्री छोटेलाल निवासीगण घटोरी तरगांव थाना दही, रानी पत्नी मोनू निवासी सूरजापुर थाना पुरवा नामजद हैं।

प्रार्थना के लिए एकत्र हुए थे

पुलिस की पूछताछ में लोगों ने बताया कि वे लोग प्रार्थना के लिए एकत्र हुए थे। जबकि जिलाधिकारी ने 22 जनवरी 2026 तक के लिए बीएनएस 163 निषेधाज्ञा लागू की है, जिसके अनुसार बिना अनुमति कोई भी कार्यक्रम नहीं किया जा सकता है।

क्या कहते हैं विमल द्विवेदी?

नर सेवा नारायण सेवा के संस्थापक विमल द्विवेदी ने बताया कि इसके पहले भी धर्म परिवर्तन कराए जाने का मामला सामने आ चुका है। गरीब तबके के लोगों को लालच देकर, दबाव बनाकर धर्म परिवर्तन करा दिया जाता है जो हिंदू समाज को कमजोर करने की साजिश है।

दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग

उन्होंने दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने बताया कि आयोजकों की तरफ से गरीबों को 3 हजार से 15 हजार रुपए तक का लालच दिया जाता है जो प्रार्थना सभा में आते हैं। उनका माइंडवॉश करके घर से देवी-देवता की तस्वीर हटवा देते हैं। गंगाजल से भी दूर रहने के लिए कहा जाता है और ईसाई मिशनरी से जोड़ लेते हैं।

धर्मांतरण करा चुके लोगों को आरक्षण का लाभ नहीं

विमल द्विवेदी ने बताया कि पिछले दिनों नवाबगंज से इसी प्रकार की घटना सामने आई थी। बहराइच में भी धर्म परिवर्तन का मामला आ चुका है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने हाईकोर्ट के आदेश का भी हवाला दिया। जिसमें बताया गया था कि धर्मांतरण करा चुके लोगों को आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा।

Updated on:
05 Jan 2026 08:39 pm
Published on:
05 Jan 2026 08:37 pm
Also Read
View All

अगली खबर