MP Sakshi Maharaj: सांसद साक्षी महाराज ने कहा कि अखिलेश यादव को अपने पिता से शिक्षा लेनी चाहिए। मुफ्त बिजली पर उन्होंने कहा कि ना नौ मन तेल होगा और ना राधा नाचेगी।
Unnao MP Sakshi Maharaj attacked Akhilesh Yadav: उन्नाव सांसद साक्षी महाराज ने अखिलेश यादव पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह यादव ने अखिलेश यादव का हाथ नरेंद्र मोदी के हाथ में दिया था। इस दौरान उन्होंने कान में भी कुछ कहा था। क्या कहा, उन्हें मालूम नहीं। अखिलेश यादव को अपने पिता से सीखना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने अखिलेश यादव के उस वादे पर भी कटाक्ष किया। जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार बनने पर 300 यूनिट बिजली मुफ्त दिया जाएगा। सांसद साक्षी महाराज अपने आवास पर लोगों की समस्याओं को सुन रहे थे। इस मौके पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह विचार व्यक्त किया।
उत्तर प्रदेश के उन्नाव सांसद साक्षी महाराज ने अपने कार्यालय में लोगों की समस्याओं को सुना और उनका समाधान किया। इस मौके पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए साक्षी महाराज ने कहा कि मुलायम सिंह यादव जमीनी नेता थे। लखनऊ मंच पर मुलायम सिंह यादव ने अखिलेश यादव का हाथ नरेंद्र मोदी के हाथ में दे दिया था। कान में क्या कहा, उन्हें नहीं मालूम। "नरेंद्र मोदी जी मर्द हैं, 56 इंच के सीने वाले हैं," मुलायम सिंह ने लोकसभा में कहा था। अखिलेश यादव को अपने पिता से कुछ सीखना चाहिए।
अखिलेश यादव ने सरकार बनने पर 300 यूनिट बिजली फ्री देने का वादा किया है। इस सवाल पर साक्षी महाराज ने कहा कि "न नौ मन तेल होगा और न राधा नाचेगी।" संसद में पेश किए गए नारी वंदन अधिनियम के पास न होने पर साक्षी महाराज ने कहा कि सरकार की यह सकारात्मक पहल थी, लेकिन महिलाओं के आरक्षण को लेकर विपक्ष ने अपनी शर्त रख दी।
साक्षी महाराज ने कहा कि विपक्ष की शर्त थी कि 50% आरक्षण किया जाए, इस पर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने कहा कि सरकार विचार कर सकती है, बस विपक्ष सर्वसम्संमति से बिल का समर्थन करे। उन्होंने विपक्ष पर असहयोग करने का आरोप लगाया और कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है।
साक्षी महाराज ने कहा कि लोकसभा सीटों के मानक में काफी असमानता है जिसे दूर करने की आवश्यकता है। कहीं-कहीं करीब 40 से 48 लाख पर सांसद चुना जाता है, वहीं कई क्षेत्रों में एक-दो लाख में ही सांसद चुनकर लोकसभा आ रहे हैं। इस असमानता को दूर करने के लिए सरकार विचार कर रही है। साक्षी महाराज ने देश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान पर भी अपने विचार व्यक्त किए। बोले, इसे बनाए रखना बहुत जरूरी है। पश्चिम बंगाल की भूमि, यह धरती मां काली, सुभाष चंद्र, और रामकृष्ण परमहंस की है; इसे कोई नहीं बदल सकता।