
पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क
उन्नाव. सर्राफा व्यवसाई को जेल में डालने की धमकी देने वाले सेवा मेडल पाए दरोगा को एसपी ने मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। पहले विधायक की शिकायत पर एसपी ने दरोगा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। घटना की जांच सीओ को दी गई थी। जांच में मामला सही पाए जाने के बाद पीड़ित द्वारा मिली तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर दरोगा को अदालत में पेश किया गया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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असोहा थाना क्षेत्र की घटना
सोहरामऊ थाना क्षेत्र अंतर्गत सहरावां गांव निवासी सोनू पुत्र संतोष ने असोहा थाना में दिए तहरीर में बताया है कि थाना क्षेत्र अंतर्गत बेलौरा गांव में उसकी ज्वेलरी की दुकान है। शनिवार देर शाम वह दुकान बंद करवा घर जा रहा था। रास्ते में रानीपुर के मोड़ के निकट दरोगा सर्वेश राणा ने उसे रोक लिया और कहने लगा की चोरी का माल खरीदते बेचते हो। तुम्हारे खिलाफ कार्रवाई करके जेल में डाल देंगे। उसके यह कहने पर कि उसने ऐसा कभी नहीं किया है पर दरोगा गाली देने लगा। हाथ पैर जोड़ने पर दरोगा ने कहा ₹50 हजार दो छोड़ देंगे। सर्वेश के अनुसार अपने दोस्त ज्ञान शंकर से उसने ₹20 हजार लेकर दरोगा को दिया। बाकी पैसा बाद में देने का वादा किया।
विधायक की शिकायत पर हुई कार्रवाई
सोनू ने असोहा थाना में तहरीर देकर दरोगा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। लेकिन थानाध्यक्ष ने कोई कार्यवाही नहीं की। जिसके बाद उसने पुरवा विधायक अनिल सिंह से संपर्क कर अपनी आपबीती सुनाई। विधायक अनिल सिंह ने तत्काल एसपी अविनाश पांडे से बातचीत कर दरोगा की शिकायत की। विधायक द्वारा मामला संज्ञान में आते ही एसपी ने दरोगा सर्वेश राणा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और उसके खिलाफ सीओ पुरवा को जांच दी। जांच में मामला सही आने के बाद मुकदमा दर्ज कर दरोगा को जेल भेज दिया गया। घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना है। चर्चा इस बात की भी हो रही है कि पुलिस सेवा मेडल से सम्मानित दरोगा के ये कारनामें है।