
Unnao Murder Case Update:उत्तर प्रदेश के उन्नाव में रायबरेली-उन्नाव हाईवे पर हेल्थ हॉस्पिटल के सामने लोहे के बड़े बॉक्स में मिले युवक के शव के मामले में पुलिस ने 12 घंटे के भीतर खुलासे का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, मृतक सोनू की हत्या उसकी पत्नी नेहा रावत ने पड़ोसी किरायेदार जितेंद्र सिंह उर्फ राहुल के साथ मिलकर की थी। इसके बाद शव को चादर और कंबल में लपेटकर लोहे के बॉक्स में बंद किया गया और छोटा हाथी लोडर से हाईवे किनारे फेंक दिया गया। पुलिस ने मामले में नेहा रावत, जितेंद्र सिंह उर्फ राहुल और तौहीद को गिरफ्तार किया है, जबकि एक बाल अपचारी को संरक्षण में लिया गया है। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल लोढ़ा-बट्टा, शव ले जाने वाला लोडर और लोहे का बॉक्स बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास से कुल 8,200 रुपये भी मिले हैं। वहीं, लोडर मालिक और चालक राजेश गुप्ता की भूमिका की जांच अभी जारी है। मामला सदर कोतवाली क्षेत्र का है।
दरअसल, मंगलवार रात करीब 10 बजे सदर कोतवाली पुलिस को सूचना मिली कि रायबरेली-उन्नाव हाईवे पर हेल्थ हॉस्पिटल के सामने सड़क किनारे एक बड़ा बॉक्स संदिग्ध हालत में रखा है। पुलिस मौके पर पहुंची और बॉक्स खोलकर देखा तो उसके अंदर चादर और कंबल में लिपटा युवक का शव मिला। शव खून से लथपथ था। घटना की जानकारी मिलने पर एसएसपी, एसपी उत्तरी और क्षेत्राधिकारी नगर ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने सदर कोतवाली पुलिस, स्वाट और सर्विलांस टीम को जल्द खुलासा करने के निर्देश दिए।
पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच में एक छोटा हाथी लोडर गदनखेड़ा की ओर से बॉक्स लेकर आता दिखाई दिया। कुछ देर बाद वही वाहन बॉक्स के बिना कानपुर की दिशा में जाता नजर आया। इससे पुलिस को शव ठिकाने लगाने में लोडर के इस्तेमाल का सुराग मिला। इसके बाद एनपीआर कैमरों की मदद से वाहन का नंबर यूपी 35 एटी 1938 सामने आया। जांच में लोडर के पंजीकृत मालिक के रूप में राजेश गुप्ता का नाम मिला। पुलिस ने वाहन से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की।
पुलिस के मुताबिक, 20 अक्टूबर को नेहा रावत ने किराये का कमरा खाली करने और सामान दूसरी जगह पहुंचाने के लिए 1,200 रुपये में लोडर तय किया था। पूछताछ के लिए नेहा को हिरासत में लिया गया। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान पति सोनू की हत्या की साजिश का खुलासा हुआ। पुलिस के अनुसार, नेहा ने पड़ोसी किरायेदार जितेंद्र सिंह उर्फ राहुल के साथ मिलकर सोनू की हत्या करने की बात स्वीकार की। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने में तौहीद और एक बाल अपचारी की भूमिका भी सामने आई।
पुलिस के मुताबिक, नेहा रावत मूल रूप से लखनऊ के हरौनी गांव की रहने वाली है। उसकी पहली शादी करीब 23 साल पहले मलिहाबाद क्षेत्र के अटौरा निवासी जगदीश से हुई थी। इस शादी से उसकी पांच बेटियां हैं। पुलिस के अनुसार, करीब सात-आठ साल पहले नेहा सोनू के संपर्क में आई और बाद में दोनों ने शादी कर ली। दोनों का पांच साल का एक बेटा भी है। पुलिस का कहना है कि समय के साथ नेहा और सोनू के बीच विवाद बढ़ने लगा था। आरोप है कि सोनू नशे का आदी हो गया था और दोनों के बीच अक्सर झगड़ा व मारपीट होती थी। इसी विवाद के चलते नेहा ने जितेंद्र सिंह उर्फ राहुल के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई।
पुलिस का दावा है कि 19 और 20 अक्टूबर की दरमियानी रात नेहा और जितेंद्र ने सोनू पर लोढ़ा-बट्टा से हमला किया। इसके बाद कंबल से उसका मुंह और नाक दबा दिए, जिससे उसकी मौत हो गई। वारदात के बाद शव को कमरे में ही रखा गया।
पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई गई। इसके लिए जितेंद्र ने अपने परिचित लोडर चालक और मालिक राजेश गुप्ता से संपर्क किया। नेहा के बताए स्थान पर सामान पहुंचाने के नाम पर 1,200 रुपये में लोडर तय किया गया। इसके बाद शव को चादर और कंबल में लपेटकर लोहे के बड़े बॉक्स में रखा गया। पुलिस का आरोप है कि तौहीद और एक बाल अपचारी की मदद से बॉक्स को शुक्लागंज के कंचन नगर से गदनखेड़ा की ओर ले जाया गया। 20 अक्टूबर की रात बॉक्स को रायबरेली-उन्नाव हाईवे पर हेल्थ हॉस्पिटल के सामने सड़क किनारे रख दिया गया। इसके बाद सभी वहां से चले गए।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों को उम्मीद थी कि शव की पहचान नहीं हो पाएगी और वारदात का पता नहीं चलेगा। हालांकि, संदिग्ध बॉक्स की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। बॉक्स खोलने के बाद हत्या का मामला सामने आया और CCTV फुटेज के आधार पर जांच आगे बढ़ी।
शव की पहचान सोनू के रूप में होने के बाद उसके भाई आशू पुत्र भैयालाल, निवासी कंचन नगर, शुक्लागंज ने पुलिस को तहरीर दी। इसके आधार पर सदर कोतवाली में मुकदमा अपराध संख्या 651/2026 दर्ज किया गया। मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) और 238 के तहत नेहा रावत समेत अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस ने नेहा रावत, जितेंद्र सिंह उर्फ राहुल और तौहीद को गिरफ्तार किया है। वहीं, एक बाल अपचारी को संरक्षण में लिया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल लोढ़ा-बट्टा, शव ले जाने वाला छोटा हाथी लोडर और लोहे का बड़ा बॉक्स बरामद किया गया। पुलिस ने बताया कि तौहीद के पास से 4,000 रुपये और बाल अपचारी के पास से 4,200 रुपये मिले हैं। इस तरह कुल 8,200 रुपये बरामद किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, शव को हाईवे तक पहुंचाने में जिस लोडर का इस्तेमाल किया गया, वह राजेश गुप्ता के नाम पर पंजीकृत है। हालांकि, मामले में उसकी संलिप्तता की पुष्टि के लिए जांच जारी है। पुलिस ने फिलहाल उसकी भूमिका को लेकर विवेचना पूरी नहीं की है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी तौहीद के खिलाफ पहले से दो मुकदमे दर्ज हैं। इनमें वर्ष 2025 का आर्म्स एक्ट से संबंधित मामला और वर्ष 2026 में चोरी व संबंधित धाराओं में दर्ज मुकदमा शामिल है।
सोनू की हत्या के मामले में पड़ोसी किरायेदार खुशबू ने बताया कि नेहा और सोनू करीब एक महीने से किशन लाल यादव के मकान में किराये पर रह रहे थे। खुशबू के मुताबिक, दोनों ने करीब नौ साल पहले कोर्ट मैरिज की थी और उनके बीच अक्सर झगड़ा होता था। खुशबू ने दावा किया कि नेहा कई बार सोनू पर कैंची से वार करने की कोशिश कर चुकी थी। घटना से दो दिन पहले भी दोनों के बीच विवाद हुआ था। खुशबू के अनुसार, नेहा अक्सर घर से बाहर रहती थी, जबकि सोनू मजदूरी करता था। उसने बताया कि घटना से दो दिन पहले शाम करीब छह बजे चार अज्ञात लोग आए थे। उनसे घर का सामान उतरवाया गया और फिर वे चले गए। खुशबू ने बताया कि बुधवार सुबह सदर कोतवाली पुलिस और एसओजी की टीम पहुंची और किरायेदार राहुल उर्फ जितेंद्र को अपने साथ ले गई। उसके मुताबिक, राहुल अपनी पत्नी के साथ पड़ोस में किराये पर रहता था।
पुलिस के अनुसार, हत्याकांड का खुलासा करने के लिए 5 टीमों का गठन किया गया था। सदर कोतवाली पुलिस, स्वाट और सर्विलांस टीम ने संयुक्त रूप से घटनास्थल और आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज जुटाई। एनपीआर कैमरों की मदद से वाहन की पहचान की गई और उसके मालिक तक पहुंच बनाई गई। पुलिस का दावा है कि तकनीकी जांच और पूछताछ के आधार पर मामले का खुलासा किया गया। कार्रवाई में सदर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक चंद्रकांत मिश्र, निरीक्षक अपराध नईम खां, उपनिरीक्षक अनिल कुमार साहू, अनिल कुमार सिद्धार्थ तथा पुलिसकर्मी हरिओम, भूपेंद्र, महेश सिंह, रविंद्र कुमार, महिला कांस्टेबल प्रिया यादव और लक्ष्मी चौधरी समेत स्वाट व सर्विलांस टीम के सदस्य शामिल रहे।