
कार्यक्रम में बृजभूषण शरण सिंह, फोटो सोर्स- X बृजभूषण शरण सिंह
Brijbhushan Sharan Singh in Unnao उन्नाव में पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि चुनाव मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति एक प्रक्रिया के तहत होती है जिसको हटाने के लिए राहुल गांधी को जनता के बीच जाना चाहिए और चुनाव जीत कर प्रधानमंत्री बने। सुप्रीम कोर्ट से बनाए गए नियम को बदलने के बाद ही मुख्य चुनाव आयुक्त को हटा सकते हैं। बृजभूषण शरण सिंह आदि शक्तिपीठ मां पूर्णा देवी मंदिर में राजा राव राम बक्स सिंह त्रिमूर्ति के लोकार्पण समझ में शामिल होने के लिए आए थे पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने यह विचार व्यक्त किया।
उत्तर प्रदेश के उन्नाव में पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे विपक्ष को आईना दिखाया है। उन्होंने कहा कि 2023 के पहले चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की कोई प्रक्रिया नहीं थी। सरकार की इच्छा के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति होती थी। इसी के अंतर्गत एमएस गिल, नवीन चावला मुख्य चुनाव आयुक्त बने थे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त का चयन प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और प्रधानमंत्री की तरफ से नियुक्त किए गए सदस्य के माध्यम से होता है। वर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति में राहुल गांधी की भी सहमति है।
पूर्व सांसद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया की मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति के लिए कोई प्रॉपर पॉलिसी होनी चाहिए। जिसमें प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और सुप्रीम कोर्ट को भी रखा गया लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट को हटाकर प्रधानमंत्री की तरफ से नामित मंत्री को रखा गया। इन प्रक्रियाओं के बाद ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त बनाया गया। अब इनका इस्तीफा मांगा जा रहा है।
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि पहले कोई प्रक्रिया नहीं थी लेकिन अब एक प्रक्रिया के तहत मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की गई है। राहुल गांधी को मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा लेने के लिए जनता के बीच जाना पड़ेगा। 2029 में चुनाव जीतकर आयें और उसके बाद नया कानून बनाए। नया कानून बनाने के बाद ही मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाया जा सकता है।
बृजभूषण शरण सिंह ने दिल्ली में चल रहे आंदोलन पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है उन्होंने कहा कि विदेशी ताकतों के सहयोग से या आंदोलन चल रहा है जिसमें भारत की तुलना बांग्लादेश और पाकिस्तान से की जा रही है। देश में पहली बार सुप्रीम कोर्ट को धमकाने के लिए मार्च पास्ट निकाला गया। एलन मस्क के इशारे पर यह हो रहा है जो अपनी शर्तों पर देश में व्यापार करना चाहते हैं।
Updated on:
15 Oct 2026 06:15 pm
Published on:
15 Oct 2026 05:27 pm
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