
Rakshabandhan program cancelled: उन्नाव में रक्षाबंधन के नाम पर महिलाओं को उपहार देने का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। जिसके लिए प्रशासन से अनुमति ली गई थी। लेकिन लाखों की संख्या में महिलाएं मुफ्त में उपहार लेने के लिए पहुंच गई। इसकी जानकारी मिलते ही प्रशासन के हाथ पैर फूल गए कि बरेली की घटना ना हो जाए। जिसमें एक महिला की मौत हो गई थी। डीएम-एसपी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने कार्यक्रम को रद्द करने के लिए कहा। इसके बाद मंच से इस बात की घोषणा की गई। जिसमें कहा गया कि सभी महिलाएं अपने-अपने घर चली जाएं। उनका उपहार उनके घर पहुंच जाएगा। निराश महिलाओं को खाली हाथ वापस लौटना पड़ा। कार्यक्रम बीघापुर के मानपुर में आयोजित किया जा रहा था।
उत्तर प्रदेश के उन्नाव के भगवंतनगर में समाजसेवी सीएस पुष्पेंद्र सिंह ने पुष्प फाउंडेशन की तरफ से रक्षाबंधन कार्यक्रम का आयोजन किया। भगवंतनगर विधानसभा में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं को आमंत्रित किया गया था। जिसकी काफी पहले से ही तैयारी की जा रही थी। अलग-अलग क्षेत्र से महिलाओं को कार्यक्रम स्थल तक लाने के लिए बस की व्यवस्था भी की गई थी। बताया जाता है पुष्प फाउंडेशन ने कार्यक्रम में 5000 महिलाओं के शामिल होने की अनुमति मांगी थी। लेकिन यह संख्या लाखों में पहुंच गई।
कार्यक्रम के रद्द होने पर पुष्पेंद्र सिंह चंदेल ने कहा कि उनकी कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं है और ना ही किसी राजनीतिक पार्टी से जुड़ा हूं। पिछले कई बरसों से रक्षाबंधन कार्यक्रम चल रहा है। इसके अतिरिक्त 100 से ज्यादा अनाथ बच्चों की जिम्मेदारी उन्होंने ली है। कार्यक्रम से उन्हीं को डर लग रहा होगा जिनको लगता होगा कि उनका सिंहासन हिल सकता है। ना उनके पास सिंहासन है और ना ही वह राजनीतिक व्यक्ति हैं
पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि कार्यक्रम 8 बजे अपने समय से शुरू हो जाता तो भीड़ इकट्ठा ना होती। लेकिन प्रशासन के साथ बातचीत में एक से डेढ़ घंटा निकल गया। जिस भीड़ इकट्ठा हो गई। मेरे कार्यकर्ताओं इतने एक्सपर्ट है कि बड़े आराम से कार्यक्रम निपट जाता।
उन्होंने आने वाली महिलाओं से कहा कि आप निराश ना हुई है। आपका आशीर्वाद हमें मिल चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन ने कार्यक्रम को रोक नहीं है। महिलाओं की भीड़ अत्यधिक बढ़ गई थी। जिसके कारण प्रशासन ने सावधानी बरती है। जिससे कि कोई हादसा ना हो जाए।
कार्यक्रम में आई महिलाओं ने बताया कि वह राखी बांधने के लिए आई थी। लेकिन अंदर जाने नहीं दिया गया। उनसे कहा गया है कि आप घर वापस जाइए। टोकन संभाल कर रखिए, आपका उपहार आपके घर पहुंच जाएगा। टोल प्लाजा के पास सभी वाहनों को रोक दिया गया था। जहां से वह लोग पैदल ही कार्यक्रम स्थल तक गई थी। वहां से वापस जा रहे हैं।