
Agra Crime: उत्तर प्रदेश के आगरा में 11 महीने की बच्ची को उसके पिता ने यमुना में फेंक दिया। बच्ची का पहला जन्मदिन 17 अगस्त को था।पिता बहाने पत्नी और बेटी को बाइक पर बैठाया। सिकंदरा यमुना पुल पर पहुंचकर फोटो खींचने के लिए बाइक रोकी। फिर बच्ची को मां की गोद से लिया और यमुना में फेंक दिया। पत्नी को भी नदी में धकेलने की कोशिश की, लेकिन राहगीरों ने उसे बचा लिया। शोर सुनकर राहगीर मौके पर पहुंचे और आरोपी को पकड़ लिया। इसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। बच्ची की तलाश में देर रात तक गोताखोर यमुना में सर्च ऑपरेशन चलाते रहे, लेकिन उसका पता नहीं चल सका।
मामला शुक्रवार दोपहर का है। आरोपी की पहचान रिंकू उर्फ चंद्रवीर के रूप में हुई है। आरोपी रिंकू उर्फ चंद्रवीर का कुछ दिन पहले पत्नी लक्ष्मी से विवाद हुआ था। परिजनों के मुताबिक, शुक्रवार को उसने अचानक पत्नी से सुलह की। उसने कहा कि बेटी के पहले जन्मदिन के लिए कपड़े और पूजा का सामान खरीदना है। लक्ष्मी के लिए नई साड़ी लेने की बात भी कही। लक्ष्मी को लगा कि पति के व्यवहार में बदलाव आया है। वह बेटी को लेकर उसके साथ बाइक पर चली गई।
यमुना पुल पर पहुंचने के बाद रिंकू ने मौसम अच्छा होने की बात कहकर बाइक रोक दी। उसने पत्नी और बेटी के साथ मोबाइल से फोटो खींचे। इसके बाद बच्ची को मां की गोद से लिया और सीधे यमुना में फेंक दिया।
बेटी को नदी में गिरता देखकर लक्ष्मी चीखने लगी। आरोप है कि रिंकू ने उसे भी पुल से नीचे धकेलने की कोशिश की। लक्ष्मी ने रेलिंग पकड़ ली और अपनी जान बचाई। शोर सुनकर वहां मौजूद लोग पहुंच गए और रिंकू को पकड़ लिया।
सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। गोताखोरों को बुलाकर यमुना में बच्ची की तलाश शुरू कराई गई। तेज बहाव और गहरे पानी के कारण तलाशी अभियान में परेशानी आ रही है। देर रात तक बच्ची का कोई पता नहीं चला।
पुलिस के सामने रिंकू ने बच्ची को जानबूझकर नदी में फेंकने से इनकार किया। उसने बताया कि वह पूजा का सामान यमुना में प्रवाहित कर रहा था। इसी दौरान पत्नी से विवाद हुआ और बच्ची उसके हाथ से छूटकर नदी में गिर गई। हालांकि, पुलिस उसके बयान को सही नहीं मान रही है। महिला की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
लक्ष्मी के परिजनों का आरोप है कि जून 2024 में शादी के बाद से ही रिंकू दहेज और ससुर से अपने नाम प्लॉट कराने को लेकर उसे परेशान करता था। परिजनों के मुताबिक, वह कोई काम नहीं करता था और अक्सर क्राइम से जुड़ी वेब सीरीज देखता था। परिवार का दावा है कि रिंकू कई बार ऐसी वारदात करने की धमकी भी देता था, जिसका किसी को पता न चले। पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ने के बाद लक्ष्मी करीब एक साल से मायके में रह रही थी।
करीब 20 दिन पहले रिंकू अपनी गलती मानकर उसे वापस घर ले आया था। उसने आगे परेशान नहीं करने का भरोसा दिया था। इसके बाद शुक्रवार को बेटी के जन्मदिन की खरीदारी के बहाने वह लक्ष्मी और बच्ची को घर से बाहर लेकर निकला था।