Budaun रोड स्थित मढ़ीनाथ क्षेत्र की शांति विहार कॉलोनी में मंगलवार तड़के ट्रांसफार्मर में लगी भीषण आग ने इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। सुबह करीब तीन बजे अचानक ट्रांसफार्मर से उठीं आग की ऊंची लपटों ने लोगों की नींद उड़ा दी।
बरेली। बदायूं रोड स्थित मढ़ीनाथ क्षेत्र की शांति विहार कॉलोनी में मंगलवार तड़के ट्रांसफार्मर में लगी भीषण आग ने इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। सुबह करीब तीन बजे अचानक ट्रांसफार्मर से उठीं आग की ऊंची लपटों ने लोगों की नींद उड़ा दी। धमाकों जैसी आवाजें सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। आग इतनी भयानक थी कि उसकी लपटें कई मंजिल ऊंचाई तक दिखाई दे रही थीं। घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई और बिजली विभाग के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
स्थानीय लोगों के मुताबिक कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। ट्रांसफार्मर के आसपास लगी बिजली की केबलें, इंटरनेट लाइनें और डिश कनेक्शन की वायरिंग जलकर राख हो गई। कई घरों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई, जिससे पूरी कॉलोनी अंधेरे में डूब गई। लोगों को आशंका थी कि यदि आग पास के मकानों तक पहुंच जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि दमकल टीम समय पर नहीं पहुंचती तो आसपास की संपत्तियों को भारी नुकसान हो सकता था। आग बुझने के बाद भी इलाके में घंटों तक धुआं और जली हुई तारों की बदबू फैली रही।
घटना के बाद क्षेत्रवासियों की नाराजगी उस समय और बढ़ गई जब मौके पर केवल लाइनमैन और मजदूर दिखाई दिए। लोगों का आरोप है कि अवर अभियंता और एसडीओ जैसे जिम्मेदार अधिकारी घटनास्थल पर नहीं पहुंचे। स्थानीय निवासी और अधिवक्ता शिवओम पाठक ने आरोप लगाया कि कई बार अधिकारियों और एक्सईएन को फोन किया गया, लेकिन किसी ने कॉल रिसीव नहीं की। वहीं जीतू पंडित उर्फ लंगूरा ने कहा कि घंटों बीतने के बाद भी कोई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर हालात देखने नहीं पहुंचा।
उधर बिजली कटौती और लगातार ट्रिपिंग से परेशान उपभोक्ताओं का गुस्सा सोमवार रात हरूनगला उपकेंद्र पर फूट पड़ा। रात करीब 11:30 बजे बड़ी संख्या में लोग उपकेंद्र पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ती देख एसएसओ अमर सिंह ने डायल 112 को सूचना दी। पुलिस पहुंचने पर भीड़ कुछ देर शांत हुई, लेकिन पुलिस के जाते ही दोबारा 100 से 150 लोग उपकेंद्र के बाहर जमा हो गए। हालात ऐसे बने कि एसडीओ, लाइनमैन और अन्य कर्मचारी खुद को कमरे में बंद करने को मजबूर हो गए।
पवन विहार इलाके में हालात सबसे ज्यादा खराब रहे। उपभोक्ताओं का कहना है कि 18 घंटे में करीब 48 बार बिजली ट्रिप हुई। दस मिनट बिजली आती और फिर घंटों गुल हो जाती। गर्मी और उमस के बीच लोग पूरी रात जागने को मजबूर रहे। वहीं कृष्णा नगर फेज-टू में लो वोल्टेज की समस्या से लोग परेशान रहे।
रामपुर बाग उपकेंद्र से जुड़े कालीबाड़ी क्षेत्र में ट्रांसफार्मर के तार में खराबी आने से करीब 15 घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रही। लोगों का आरोप है कि हेल्पलाइन और एसडीओ का नंबर घंटों व्यस्त जाता रहा। दुर्गानगर उपकेंद्र से जुड़े एसएस पब्लिक स्कूल वाली गली में फेस उड़ने से सुबह से रात तक बिजली नहीं रही। सप्लाई आने के बाद भी पूरी रात ट्रिपिंग जारी रही।
हरूनगला उपकेंद्र से जुड़े करीब 50 हजार उपभोक्ताओं की समस्याओं को लेकर सपा नेताओं ने अधीक्षण अभियंता धर्मेंद्र सिंह से मुलाकात की। निवर्तमान जिला उपाध्यक्ष हैदर अली ने चेतावनी दी कि यदि जल्द बिजली व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई तो उपभोक्ता सड़क पर उतरकर धरना प्रदर्शन करेंगे। अधिशासी अभियंता नितिन कुमार ने दावा किया कि फॉल्ट और ट्रिपिंग की समस्याओं के निस्तारण के लिए टीमें लगाई गई हैं।