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पिता ने अयोध्या के श्रीराम मंदिर में दी थी सेवाएं, बेटा शुभेंदु अधिकारी के पीए की हत्या मामले में गिरफ्तार

Suvendu Adhikari PA Murder Case: जानिए कौन है मुजफ्फरनगर से पकड़ा गया आरोपी राजकुमार सिंह? क्या काम करता है यह बदमाश और कैसे बलिया जेल की सलाखों के पीछे से जुड़ा इसका इस बड़े हत्याकांड से कनेक्शन।

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Suvendu Adhikari PA Murder Case, Chandranath Rath Murder Update

मुंबई में क्रेन हेल्पर था आरोपी राजकुमार सिंह | फोटो सोर्स- patrika.com

Suvendu Adhikari PA Murder Case: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में सीबीआई को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। जांच एजेंसी ने उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से इस हत्याकांड के चौथे आरोपी राजकुमार सिंह को गिरफ्तार किया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में मुख्य आरोपी राज सिंह समेत तीन लोग पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं। लेकिन अब हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिर यह राजकुमार सिंह कौन है, क्या काम करता है और इस मर्डर केस में इसकी एंट्री कैसे हुई?

बलिया जेल में हुई थी मर्डर की प्लानिंग

जांच में पता चला है कि इस पूरी हत्या की साजिश उत्तर प्रदेश की बलिया जेल में रची गई थी। गिरफ्तार किया गया आरोपी राजकुमार सिंह यूपी के बलिया जिले के रत्तोपुर गांव का रहने वाला है। साल 2022 में उसके खिलाफ गांव में ही मारपीट और एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था, जिसके बाद उसे बलिया जेल भेजा गया था। जब राजकुमार जेल में बंद था, तभी उसकी मुलाकात इस केस के मास्टरमाइंड राज सिंह से हुई थी। जेल की इसी दोस्ती के बाद राजकुमार इस बड़े अपराध में शामिल हो गया।

मुंबई में क्रेन हेल्पर था आरोपी, अब विदेश भागने की फिराक में था

राजकुमार सिंह के बैकग्राउंड की बात करें तो उसने उसने कॉलेज की आधी-अधूरी पढ़ाई की थी। वह पहले मुंबई में क्रेन हेल्पर के रूप में मजदूरी का काम करता था। करीब 8 महीने पहले वह मुंबई का काम छोड़कर अपने गांव लौट आया था। वह हाल के दिनों में भारत छोड़कर विदेश भागने की फिराक में था और बाहर जाने की तैयारी कर रहा था, लेकिन इससे पहले कि वह भाग पाता, सीबीआई ने उसे धर दबोचा।

राम मंदिर में इलेक्ट्रिशियन हैं पिता, सदमे में परिवार

राजकुमार के पिता त्रिभुवन नारायण सिंह पेशे से इलेक्ट्रिशियन हैं। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के दौरान भी वहां बिजली का काम किया था। पिता ने बताया कि राजकुमार बहुत कम बोलने वाला लड़का था और वह अपने पिता से डरता था, इसलिए अपनी बातें सिर्फ अपनी मां से शेयर करता था। तीन दिन पहले वह घर से बिना बताए निकला था। बेटे की इस तरह अचानक हुई गिरफ्तारी से पूरा परिवार सदमे में है।

अब आगे क्या करेगी CBI?

मुजफ्फरनगर से हुई इस चौथी गिरफ्तारी के बाद अब सीबीआई अपनी जांच को और तेज कर रही है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि बलिया से लेकर मुजफ्फरनगर तक राजकुमार की मदद किसने की, वह कहां-कहां छिपा था और इस हत्याकांड के लिए उसे कितने पैसे मिले थे। सीबीआई जल्द ही आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी, जिससे कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।