Bhopal lab report about Gorakhpur lion Pataudi कानपुर चिड़ियाघर में शेर पटौदी की मौत बर्ड फ्लू से हुई है। भोपाल लैब ने इसकी पुष्टि की है। शेर पटौदी को गोरखपुर से कानपुर उपचार के लिए लाया गया था। चिड़ियाघर को सेनीटाइज किया जा रहा है।
Bhopal lab report about Gorakhpur lion Pataudi कानपुर के चिड़ियाघर में गोरखपुर से लाए गए बब्बर शेर पटौदी की मौत बर्ड फ्लू से हुई है। इसकी पुष्टि भोपाल लैब से आई रिपोर्ट से हुई है। भोपाल लैब से आई रिपोर्ट के बाद कानपुर चिड़ियाघर में और सतर्कता बढ़ा दी गई है। सभी बाड़ों को सेनीटाइज करने का कार्य शुरू किया गया है। जिसमें नगर निगम की मदद ली जा रही है। इस बीच बीमारी के कारण दहाड़ लगाने वाला बब्बर शेर टूट गया। खाने पीने में भी कमी आ गई थी। जिसके लीवर में काफी इंफेक्शन हो गया था। काफी कमजोर हो गया था।
उत्तर प्रदेश के कानपुर के चिड़ियाघर 19 मई तक के लिए बंद कर दिया गया है। गोरखपुर से उपचार के लिए भेजे गए पटौदी शेर की मौत के बाद जू प्रशासन सतर्क है। मौत का कारण जानने के लिए बब्बर शेर का सैंपल भोपाल ले भेजा गया था। रेंजर नावेद इकराम ने बताया कि जांच रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट के अनुसार बब्बर शेर की मौत बर्ड फ्लू से हुई है। H5 N1 पॉजिटिव निकला है। जू प्रशासन ने डीएम को पत्र बेचकर नगर निगम के माध्यम से सेनीटाइज कराने की मांग की थी। अब नगर निगम चिड़ियाघर में वन्य जीवों के रहने वाले बाड़ों को सेनीटाइज कर रहा है। इसके साथ ही परिसर में स्थित आवासीय भवनों की भी फॉगिंग कराई जाएगी।
बब्बर शेर पटौदी का कानपुर चिड़ियाघर में चार दिनों तक उपचार चला। लेकिन उसकी सेहत में कोई विशेष सुधार नहीं हुआ। लीवर में गंभीर इंफेक्शन हो गया था। जिससे खुराक भी काम हो गई थी। गुजरात के जूनागढ़ स्थित शक्कर बाग प्राणी उद्यान में बब्बर शेर पटौदी का जन्म हुआ था। जिसे 26 सितंबर 2019 को इटावा के लायन सफारी पार्क में लाया गया था। यहां से गोरखपुर प्राणी उद्यान में फरवरी 2021 में लाया गया था। 15 साल की उम्र में उसने अंतिम सांस ली।