
Ram Lagan Maurya Death: आजाद समाज पार्टी के संस्थापक और अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद अयोध्या के पुरकलंदर थाना क्षेत्र के कंडेला गांव पहुंचे और बम व गोलीबारी की घटना में मारे गए राम लगन मौर्य के परिवार से मुलाकात की। इस घटना में घायल राम लगन की मां का भी हाल ही में निधन हो गया था। परिवार से मुलाकात के बाद चंद्रशेखर आजाद ने घर की स्थिति और घटना को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि राम लगन को 15 दिनों के भीतर जान से मारने की घोषणा की गई थी, लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि उन्होंने फिल्मों में और बंगाल व दूसरे देशों में बम के इस्तेमाल और सरेआम हत्या की घटनाओं के बारे में सुना था, लेकिन अयोध्या जैसे शहर में इस तरह की घटना होना गंभीर बात है। उन्होंने कहा कि राम लगन के साथ जो हुआ, वह बहुत दर्दनाक है। हमने पिक्चरों में देखते थे या बंगाल या दूसरे देशों में यह सुनाई देता था कि बम का प्रयोग होता है, सरेआम हत्या कर दी जाती है। लेकिन यह हमने अपनी आंखों से यहां अयोध्या जिसे साकेत भी कहा जाता है और पूरी दुनिया में जिसकी पहचान है वहां अगर सरेआम बम से हत्या हो रही है, कई-कई बम दागे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस घटना में सिर्फ राम लगन मौर्य की जान नहीं गई, बल्कि करीब 15 दिन बाद उनकी मां की भी मौत हो गई।
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि परिवार के लोगों ने उनसे मुलाकात कर दुख में शामिल होने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा कि एक जनप्रतिनिधि होने के नाते मेरी भी यह जिम्मेदारी है, अगर किसी के यहां कुछ हुआ है, अब तो कार्रवाई पुलिस करेगी, लेकिन उस परिवार का दुख बांटना, उनके विश्वास को कानून के प्रति, संविधान के प्रति मजबूत करना यह जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि परिवार से मुलाकात कर उनकी बात सुनेंगे और मामले को मीडिया के माध्यम से देश के सामने रखने का वादा किया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से नियुक्ति पत्र बांटे जाने और नई भर्तियों की घोषणाओं को लेकर भी चंद्रशेखर आजाद ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अब नियुक्ति पत्र भी बटेंगे, नई वैकेंसी की घोषणाएं भी होंगी। नई जो है, सुविधा देने की बात भी होगी, लेकिन सच यह है कि पिछले साढ़े नौ साल में कितने नियुक्ति पत्र दिए हैं यह सब जानते हैं।
उन्होंने 68,500 और 69,000 शिक्षक भर्ती के अलावा पंचायत सहायकों, रोजगार सेवकों, आशा, आंगनबाड़ी, भोजन माताओं, पीआरडी जवानों और पुलिस भर्ती से जुड़े मामलों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बीएड और बीटीसी अभ्यर्थियों के बीच भी रोजगार को लेकर असंतोष है। उन्होंने प्रदेश में बड़ी संख्या में पदों का बैकलॉग होने का दावा करते हुए सवाल उठाया कि अगर पद खाली हैं तो उन्हें अब तक भरा क्यों नहीं गया।
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि 2027 में जनता की अदालत लगेगी और सरकार को अपने कामकाज को लेकर जनता के सवालों का सामना करना होगा। नियुक्ति पत्र वितरण और नई भर्तियों की घोषणाओं पर उन्होंने कहा कि यह सब जो है, चुनाव में वोट अपने फेवर में करने का तरीका है। जनता सब जानती है। उन्होंने बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रदेश का युवा पढ़-लिखकर डिग्री लेकर घूम रहा है और रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन कर रहा है। उन्होंने प्रयागराज में अलग-अलग वर्गों के युवाओं के आंदोलनों का भी जिक्र किया।