
Justice Morcha UP: उत्तर प्रदेश में शिक्षा, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर छात्रों और युवाओं को एक साझा मंच पर लाने की तैयारी शुरू हो गई है। लखनऊ में जस्टिस मोर्चा की आधिकारिक घोषणा की गई। मोर्चे से जुड़े युवाओं का कहना है कि प्रदेश के छात्रों और बेरोजगार युवाओं की समस्याओं को सामने लाने के लिए आने वाले दिनों में व्यापक अभियान चलाया जाएगा। मोर्चे ने फिलहाल छात्रों और युवाओं से जुड़े करीब 10 प्रमुख मुद्दों को अपनी मुहिम के केंद्र में रखने की बात कही है। इनमें शिक्षा व्यवस्था, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं और युवाओं को मिलने वाले अवसरों से जुड़े सवाल शामिल हैं।
जस्टिस मोर्चा के मुताबिक, अभियान की शुरुआत 12 अगस्त से जनसंपर्क कार्यक्रम के साथ होगी। इस दौरान अलग-अलग जिलों में छात्रों और युवाओं से सीधे बातचीत की जाएगी। मोर्चे से जुड़े लोग कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और कोचिंग संस्थानों में जाकर युवाओं से उनके अनुभव और समस्याएं जानने की कोशिश करेंगे। इसके अलावा शिक्षकों, अभिभावकों और बेरोजगार युवाओं से भी संवाद किया जाएगा, ताकि शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों को जमीनी स्तर पर समझा जा सके।
अभियान का अगला बड़ा चरण 20 अगस्त से शुरू होने वाली साइकिल यात्रा होगी। यह यात्रा गोरखपुर के चौरी चौरा से शुरू होकर अलग-अलग इलाकों से गुजरते हुए 2 अक्टूबर को लखनऊ के काकोरी में समाप्त होगी। यात्रा के दौरान युवाओं से बातचीत के साथ उनके मुद्दों और सुझावों को भी अभियान में शामिल किया जाएगा। मोर्चे का उद्देश्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर छात्रों और युवाओं के सवालों को एक मंच पर लाना है।
जस्टिस मोर्चा से जुड़े लोगों का कहना है कि यह किसी राजनीतिक दल का मंच नहीं है और इसकी मुहिम किसी पार्टी से प्रभावित नहीं होगी। उनका दावा है कि छात्रों से जुड़े मुद्दे किसी एक राजनीतिक विचारधारा तक सीमित नहीं हैं। मोर्चे का कहना है कि देश के किसी भी राज्य में, चाहे वहां किसी भी दल की सरकार हो, अगर छात्रों और युवाओं से जुड़े गंभीर सवाल सामने आते हैं तो संगठन उनके पक्ष में आवाज उठाएगा। इसके लिए अलग-अलग विचारधारा वाले छात्र, छात्र नेता और युवा भी इस अभियान से जुड़ सकते हैं।
मोर्चे की ओर से कहा गया है कि आने वाले दिनों में छात्रों और युवाओं से जुड़े करीब 10 प्रमुख मुद्दों को विस्तार से सामने रखा जाएगा। इन मुद्दों पर प्रदेशभर में संवाद किया जाएगा और युवाओं से समर्थन जुटाने की कोशिश होगी। संगठन से जुड़े सदस्यों का कहना है कि केवल समस्याएं गिनाने के बजाय संबंधित जिम्मेदार लोगों से जवाब भी मांगा जाएगा। शिक्षा व्यवस्था, नौकरी, प्रतियोगी परीक्षाओं और युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों को लेकर दबाव बनाने की रणनीति तैयार की जा रही है।
फिलहाल, 12 अगस्त से शुरू होने वाला जनसंपर्क अभियान और 20 अगस्त से चौरी चौरा से निकलने वाली साइकिल यात्रा इस मुहिम का पहला बड़ा चरण होगा। इससे यह साफ होगा कि जस्टिस मोर्चा छात्रों और युवाओं के बीच कितनी पकड़ बना पाता है और उसके उठाए मुद्दों को प्रदेशभर में कितना समर्थन मिलता है।