
GST Fraud Kanpur:कानपुर राज्य कर विभाग ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जीएसटी पंजीयन कराने और कथित फर्जी आपूर्ति के जरिये अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) पासऑन करने के मामले में कार्रवाई की है। विभाग की तहरीर पर पनकी थाने में मेसर्स शिवांग ट्रेडर्स के स्वामी शिवांग विश्वकर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
राज्य कर विभाग के उपायुक्त (विशेष अनुशासन), क्षेत्र-बी, कानपुर पंकज कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि मेसर्स शिवांग ट्रेडर्स का जीएसटी पंजीयन 25 जून 2026 को 147/697/ई, रतनपुर कॉलोनी, पनकी रोड, पनकी, कानपुर के पते पर किया गया था। पंजीयन में फर्म के स्वामी के रूप में शिवांग विश्वकर्मा पुत्र रामजी विश्वकर्मा, निवासी 10/273 खलासी लाइन, कानपुर रोड, कानपुर का नाम दर्ज था।
विभागीय अधिकारियों ने 16 सितंबर को फर्म के घोषित पते की स्थलीय जांच की। विभाग के मुताबिक जांच में कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर जीएसटी पंजीयन हासिल करने और अपात्र आईटीसी अर्जित कर उसे आगे पासऑन किए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद अधिकारियों ने जीएसटी कॉमन पोर्टल पर फर्म की ओर से घोषित लेनदेन और आंकड़ों का विश्लेषण किया।
विभागीय जांच में वित्तीय वर्ष 2026-27 में जून से जांच की तिथि तक फर्म की ओर से 14 करोड़ 74 लाख 45 हजार रुपये की आउटवर्ड सप्लाई घोषित किए जाने की बात सामने आई। इसी अवधि में करीब 2 करोड़ 65 लाख 40 हजार रुपये की आईटीसी कथित तौर पर फर्जी तरीके से पासऑन की गई।राज्य कर विभाग के अनुसार फर्जी लेनदेन और आईटीसी के माध्यम से सरकारी राजस्व को क्षति पहुंचाई गई। विभाग ने उपलब्ध अभिलेखों और पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों के आधार पर कार्रवाई शुरू की।
एसीपी पनकी अमित चौरसिया ने बताया कि राज्य कर अधिकारी पंकज कुमार की तहरीर पर शिवांग विश्वकर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।