
Cyber Crime:कानपुर में ऑनलाइन मैरिज साइट पर शुरू हुई बातचीत शादी के वादे से होते हुए साइबर ठगी के ऐसे जाल तक पहुंच गई, जिसका राज बैंक के मैसेज ने खोला। आरोप है कि युवक ने युवती को खुद को आरएएफ में तैनात बताकर भरोसे में लिया। शादी का झांसा देकर आधार, पैन कार्ड और शैक्षिक दस्तावेज लिए और उसके नाम से तीन बैंक खाते खुलवा दिए। बाद में इन्हीं खातों में साइबर ठगी की रकम का लेनदेन होने लगा। 7 अगस्त को खातों में रकम होल्ड होने का मैसेज आने पर युवती को पूरे मामले की जानकारी हुई। पुलिस ने सूरज उर्फ रणवीर सिंह, मनीष और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कल्याणपुर के लवकुशपुरम निवासिनी एक युवती ने जनवरी-फरवरी 2026 में ऑनलाइन मैरिज साइट पर शादी के लिए आईडी बनाई थी। मार्च-अप्रैल में सूरज उर्फ रणवीर सिंह ने उससे संपर्क किया। 15 अप्रैल को दोनों की जेड स्क्वायर में पहली मुलाकात हुई। युवती के मुताबिक सूरज ने खुद को दिल्ली में आरएएफ में तैनात बताया और आईडी कार्ड भी दिखाया। उसने शादी का भरोसा दिलाया। सरकारी नौकरी की बात से प्रभावित होकर युवती भी उसके साथ शादी के लिए तैयार हो गई।
आरोप है कि सूरज ने युवती से आधार, पैन कार्ड, मार्कशीट समेत अन्य दस्तावेज हासिल कर लिए। उसने बताया कि आरएएफ की नौकरी के साथ दोस्तों के साथ कंप्यूटर और मोबाइल से कंपनियों के विज्ञापन बनाने का काम करता है। नौकरी के कारण वह इस काम की रकम अपने खाते में नहीं मंगा सकता। इसलिए युवती से स्थानीय स्तर पर तीन-चार खाते खुलवाने को कहा, जिनमें रकम आएगी और उसी पैसे से दोनों शादी करेंगे।युवती ने कोटक महिंद्रा बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और पंजाब नेशनल बैंक की कल्याणपुर शाखा में अपने नाम से तीन खाते खुलवा दिए। आरोप है कि बाद में पासबुक, एटीएम कार्ड और पिन भी सूरज ने अपने दोस्त के जरिए हासिल कर लिए।
खातों में लगातार लेनदेन के मैसेज आने पर युवती ने सूरज से शिकायत की। आरोप है कि उसने मोबाइल में बैंक नोटिफिकेशन बंद करने की सलाह देकर उसे भरोसे में लिया। इसी दौरान एक परिचित के खाते में ऑनलाइन रकम भेजने के बदले नकदी लेने की बात कही गई। युवती ने अपने परिचित शिवम निषाद की दुकान के बैंक खाते और क्यूआर कोड की जानकारी दे दी। आरोप है कि रकम ऑनलाइन आने के बाद मनीष समेत अन्य लोग नकदी लेकर जाते थे।
21-22 मई को सूरज ने चांदनी को गुरुदेव पैलेस मेट्रो की सीढ़ियों के पास बुलाया। वहां उसने फिर शादी की बात दोहराई और कहा कि विज्ञापन के काम से खातों में काफी रकम आ रही है, जिससे धूमधाम से शादी होगी। जुलाई में रावतपुर में हुई मुलाकात के दौरान उसने सगाई की अंगूठी बनवाने के लिए युवती की अंगुली की नाप ली और जल्द इंगेजमेंट करने की बात कही। आरोप है कि इसी दौरान उसने युवती का मोबाइल लेकर दोनों की तस्वीरें भी डिलीट कर दीं।
7 अगस्त को चांदनी के मोबाइल पर बैंक के मैसेज आए। इनमें साइबर शिकायत के आधार पर उसके खातों में 15 हजार, 12,034 और 16,750 रुपये की रकम होल्ड किए जाने की जानकारी थी। मैसेज में साइबर शिकायत के संदर्भ नंबर भी दिए गए थे। इससे युवती घबरा गई। उसने सूरज से फोन पर जानकारी मांगी तो उसने विज्ञापन का काम कराने वाली कंपनियों से बात करने की बात कही, लेकिन इसके बाद फोन उठाना बंद कर दिया।बैंक से ऑनलाइन और पासबुक के माध्यम से स्टेटमेंट निकलवाने पर युवती को खातों में लाखों रुपये के लेनदेन का पता चला।
युवती ने पुलिस को बताया कि उसने खातों से केवल दो-तीन बार निजी सामान की ऑनलाइन खरीदारी की थी और उसका भुगतान अपने पैसों से किया था। उसके अनुसार उसने किसी अजनबी से रकम नहीं मंगाई, न किसी को रकम ट्रांसफर की और न ही खातों से रुपये निकाले।
पीड़िता का आरोप है कि शिकायत लेकर कल्याणपुर थाने पहुंचने पर पुलिसकर्मियों ने उसकी बात नहीं सुनी और आरोपी को खुद पकड़कर लाने की बात कही। इसके बाद उसने 12 अगस्त को पुलिस आयुक्त से शिकायत की। पुलिस आयुक्त के निर्देश के बाद कल्याणपुर पुलिस ने सूरज उर्फ रणवीर सिंह, मनीष और अन्य अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।