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Vineet Minocha Case: खुलेगा हत्या की साजिश का राज? रिमांड मिली तो शालू से सात, विशाल से पूछे जाएंगे कई सवाल

Murder Investigation:कानपुर के दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में पुलिस ने शालू, विशाल गौतम और राजकिशोर की रिमांड मांगी है। 19 सितंबर को सुनवाई होगी। रिमांड मिलने पर हत्या की साजिश, आरोपियों के संपर्क, 309 कॉल और घटनास्थल पर वारदात के पुनर्निर्माण से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे।
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Sep 18, 2026
Kanpur Murder Case Vinīt Manocha Murder विनीत मिनोचा हत्याकांड
कानपुर दवा व्यापारी की बहू (photo- x @askrajeshsahu)

Vineet Minocha Murder Case:कानपुर दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड की जांच अब उन सवालों के इर्द-गिर्द पहुंच गई है, जिनके जवाब से वारदात की पूरी कड़ी जुड़ सकती है। पुलिस ने कारोबारी की बहू शालू, हत्या के आरोपी विशाल गौतम और राजकिशोर की पुलिस अभिरक्षा में पूछताछ के लिए न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया है। रिमांड पर 19 सितंबर को सुनवाई होगी। अभी न्यायालय ने आरोपियों की पुलिस अभिरक्षा मंजूर नहीं की है।

शालू से सात सवालों के जवाब तलाशेगी पुलिस

पुलिस सूत्रों के मुताबिक शालू से पूछताछ के लिए करीब सात प्रमुख बिंदु तैयार किए गए हैं। इनमें विशाल गौतम से संपर्क, हत्या की कथित योजना, घर में प्रवेश, वारदात से पहले और बाद की गतिविधियां तथा इसमें अन्य लोगों की संभावित भूमिका शामिल है। पुलिस यह भी जानना चाहती है कि योजना कब और किस तरह बनी और आरोपियों के घर तक पहुंचने की व्यवस्था कैसे हुई।हालांकि इन सवालों के जवाब अभी पुलिस के सामने स्पष्ट नहीं हैं। रिमांड मिलने पर पूछताछ के जरिए इनकी पुष्टि करने का प्रयास किया जाएगा।

सुब्रत और विशाल के बीच 309 बार बातचीत क्यों हुई?

जांच में एक अहम कड़ी कारोबारी के बेटे सुब्रत और विशाल गौतम के बीच हुई करीब 309 बार की बातचीत बताई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि वर्ष 2022 में नौकरी से अलग होने के बाद भी दोनों के बीच संपर्क क्यों बना रहा। इन बातचीत का कारण क्या था और क्या इनका हत्याकांड से कोई संबंध है, इसकी भी पड़ताल की जाएगी।

शालू और सुब्रत को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ संभव

रिमांड मिलने पर पुलिस शालू और उसके पति सुब्रत को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ कर सकती है। दोनों के बयानों में किसी तरह का अंतर सामने आने पर अलग-अलग सवाल पूछकर जवाबों का मिलान किया जा सकता है। खासतौर पर शालू के विशाल से संपर्क और सुब्रत-विशाल के बीच लगातार बातचीत को लेकर सवाल किए जाने की संभावना है।

विशाल से एक दर्जन से अधिक सवालों पर पूछताछ

विशाल गौतम से पुलिस हत्या की योजना बनने, इसमें शामिल लोगों, वारदात के लिए तैयार किए जाने, फ्लैट तक पहुंचने और घटना के बाद संपर्क में आए लोगों के बारे में पूछताछ कर सकती है। सुब्रत के साथ उसके पुराने संपर्क और शालू से उसके संबंधों को भी जांच की कड़ी से जोड़कर देखा जाएगा।

तीसरे व्यक्ति की भूमिका की भी पड़ताल

पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि शालू और विशाल के बीच संपर्क के पीछे कोई तीसरा व्यक्ति था या नहीं। फिलहाल पुलिस ने किसी तीसरे व्यक्ति की भूमिका की पुष्टि नहीं की है। राजकिशोर से पहले पूछताछ हो चुकी है। उसके मुताबिक वह हत्या के इरादे से घर नहीं गया था और अंदर पहुंचने के बाद हत्या में सहयोगी बना। उसने चाकू से वार करने से इनकार करते हुए विशाल पर वार करने का आरोप लगाया था। राजकिशोर ने दो लाख रुपये के लालच में शामिल होने की बात कही थी।

घटनास्थल पर दोहराई जा सकती है वारदात

पुलिस अभिरक्षा मिलने पर आरोपियों से पूछताछ के साथ घटनास्थल पर वारदात का पुनर्निर्माण भी कराया जा सकता है। इसमें फ्लैट में प्रवेश का रास्ता, घर में मौजूद लोगों की स्थिति, आरोपियों की गतिविधियां, चाबी से प्रवेश और वारदात के बाद बाहर निकलने के रास्ते की तस्दीक की जा सकती है। इसका उद्देश्य आरोपियों के बयानों और मौके से मिले साक्ष्यों का मिलान करना होगा।

पहले क्लीन चिट, अब सुब्रत से फिर पूछताछ

प्राथमिक पूछताछ के बाद सुब्रत को पुलिस ने छोड़ दिया था। अब जेल में आरोपियों से पूछताछ, उनके बयानों और कारोबार से जुड़े लोगों से बातचीत के बाद सामने आए नए तथ्यों पर उससे दोबारा सवाल किए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक बुधवार को करीब 40 मिनट और गुरुवार को करीब डेढ़ घंटे तक उससे पूछताछ हुई। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

19 सितंबर की सुनवाई पर टिकी नजर

फिलहाल आरोपियों की पुलिस रिमांड पर अंतिम निर्णय न्यायालय को करना है। 19 सितंबर को होने वाली सुनवाई के बाद स्पष्ट होगा कि पुलिस को पूछताछ के लिए अभिरक्षा मिलती है या नहीं। इसके बाद ही आरोपियों के बयानों, संपर्कों और अन्य साक्ष्यों का मिलान कर हत्या की भूमिका और कथित साजिश की कड़ियों की जांच आगे बढ़ेगी। किसका बयान सही है और किसका नहीं, यह विवेचना और उपलब्ध साक्ष्यों से ही स्पष्ट होगा।

Updated on:
18 Sept 2026 12:30 pm
Published on:
18 Sept 2026 12:30 pm