लखनऊ आगरा एक्सप्रेस वे पर बिना बीमा फिटनेस के लक्जरी बस दिल्ली से बिहार की यात्रा कर रहे हैं। इसका खुलासा 18 बस यात्रियों की मौत के बाद हुआ। तीन प्रदेशों से होकर चलने वाली डबल डेकर बस प्रशासनिक व्यवस्था की हकीकत बयां कर रहा है।
लखनऊ आगरा एक्सप्रेस वे पर हुए दर्दनाक हादसे में 18 बस यात्रियों की मौत हो गई। जबकि 19 यात्री घायल है। जिन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया। यहां से पांच को ट्रामा सेंटर लखनऊ दिया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने राहत और बचाव कार्य की कमान संभाली। दुर्घटनाग्रस्त बस की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। दिल्ली से बिहार के बीच चलने वाली डबल डेकर बस बिना बीमा और फिटनेस के दौड़ रही थी। ऐसे में बड़ा सवाल उठता है कि प्रशासनिक अमला क्या कर रहा है? एक्सप्रेस पर जगह जगह कैमरे लगे हैं। वाहनों से टोल टैक्स भी लिया जा रहा है। फिर भी मानक विहीन गाड़ियां सड़क पर दौड़ रही है। लोगों ने सवाल उठाया कि सेंसर युक्त कैमरा से ऐसी गाड़ियों को क्यों नहीं पकड़ा जा रहा है?
एआरटीओ परवर्तन अरविंद कुमार ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त बस में बैठी सवारियों को दिल्ली भेजने के लिए रोडवेज बसों की व्यवस्था की गई। कुछ यात्रियों को दिल्ली भेजा गया है। दुर्घटना को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि बस काफी तेज चल रही थी। यह बस के. सी. ट्रेवल्स के नाम से रजिस्टर्ड है। निरीक्षण के दौरान निकाल कर सामने आया कि बस के कागज सही नहीं है। गाड़ी का बीमा और फिटनेस वैध नहीं है। पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।
एआरटीओ ने बताया कि गाड़ी सही है। कागज उसके पूरे नहीं है। वाहन मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। कंटेनर के चालक और परिचालक का कुछ पता नहीं चला है। दुर्घटनाग्रस्त बस के चालक और परिचालक के विषय में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। लेकिन बस की हालत को देखते हुए कहा जा सकता है कि उनका बचना मुश्किल है।