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मथुरा के इस गांव की महिलायें श्राप के डर से नहीं रखती करवा चौथ का व्रत, जानें इसके पीछे की वजह

करवाचौथ का व्रत हर शादी शुदा महिलाएं रखती हैं। इस दिन पत्नी अपने पति के लंबी उम्र की कामना करती हैं। वहीं मथुरा जिले में एक ऐसा गांव हैं जहां की महिलाएं करवाचौथ का व्रत नहीं रखती हैं।
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Updated: 13 Oct 2022, 12:22 PM IST
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आज करवाचौथ है । आज के दिन पत्नी अपने पति के लिए व्रत रखती है और लंबी उम्र की कामना करती है । पत्नी बिना कुछ पिए निर्जल व्रत रखती हैं और शाम को चांद देखकर अपने व्रत को तोड़ती हैं। वहीं कान्हा के नगरी मथुरा क्षेत्र में एक ऐसा गांव हैं जहां पर महिलाएं अपने पति के लिए व्रत नहीं रखती हैं और ना ही उनके लिए आज के चांद से कोई फर्क पड़ता है।

श्राप का डर सता रहा
उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के अंतर्गत कस्बा सुरीर में के नगला वघा थोक एक गांव है जहां की महिलाओं को श्राप का डर सता रहा है। जिसके वजह से आज के दिन यहां की महिलाएं ना तो व्रत रखेंगी और ना ही श्रृंगार करेंगी । वहां के महिलाओं के अंदर सती देवी का डर है । नगला वघा की सैंकड़ों ठाकुर समाज की महिलायें अपने सुहाग की सलामती के लिए करवा चौथ के व्रत को रखने के लिए परहेज करती आई हैं।

वर्षों से चली आ रही परंपरा
यहां के महिलाओं का सती देवी के श्राप का डर सता रहा है कि कहीं उनके इच्छा के विरूद्ध व्रत रख लें और कोई अनहोनी हो जाएं । इसी कारण वृद्ध महिलाओं से लेकर नई नवेली शादीशुदा महिलायें करवा चौथ का व्रत नहीं रख रही हैं। इनके दिमाग पर श्राप का डर उस कदर छा गया है कि यहां की महिलायें कई वर्षों से इस परंपरा को निभा रही है।

वहीं करवाचौथ के दिन चांद महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है. क्योंकि आज का चांद महिलाओ के पति की लंबी उम्र का साक्षी होता है ।

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13 Oct 2022, 12:22 PM IST
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